ग्रेटर नोएडा

Greater Noida Live Update: जानिए क्या है शाहबेरी की हकीकत, कैसे तैयार हो गए इतने फ्लैट

निर्माण को लेकर लगी हुर्इ थी रोक

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Greater Noida Live Update: जानिए क्या है शाहबेरी की हकीकत, कैसे तैयार हो गए इतने फ्लैट

ग्रेटर नोएडा।राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के ग्रेटर नोएडा गांव शाहबेरी में जीवन ज्योति कॉलोनी में रात करीब साढ़े नौ बजे एक ही परिसर में स्थित दो इमारतें धराशाई हो गईं। छह मंजिली दोनों इमारतों में रह रहे 12 परिवारों के सदस्यों व चार मजदूरों समेत 50 से भी ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका है। वहीं इस शाहबेरी की हकीकत कुछ एेसी है। जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे। प्रशासन के मुताबिक दोनों इमारतें अवैध रूप से बनाई गई थीं। एक इमारत तो पूर्ण हो गई थी, जबकि एक में कुछ काम चल रहा था। दोनों भवन खसरा नंबर पांच पर दर्ज़ है जो गाजियाबाद निवासी गंगा शरण द्विवेदी के नाम पर है।

यह है शाहबेरी की हकीकत

इस गांव की जमीन का अधिग्रहण सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2011 में रद्द कर दिया था।इसके बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को उनकी जमीनों पर अधिकार दे दिया था।इसी के बाद यहां बड़ी संख्या में कालोनाइजर सक्रिया हो गए।उन्होंने किसानों से सस्ती दर से जमीन खरीदकर ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी कर दीं। प्राधिकरण के अंडर में न होने के चलते उन्हें कोर्इ अनुमति नहीं मिली।वहीं कुछ अधिकारियों की माने तो यहां निर्माण पर रोक होने के बावजूद बिल्डरों ने बिना कोर्इ नक्शा और किसी आर्किटेक्ट से सत्यापित कराये बिना ही बिल्डिंग खड़ी कर दी।निर्माण सामग्री की गुणवत्ता एकदम घटिया है।कालोनाइजर सस्ती कीमत पर फ्लैट बनाकर ऊंची दरों में बेचकर गायब हो गए हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव की करीब 158 हेक्टेयर जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण को प्रशासन ने अधिग्रहण करने के लिए धारा-7 की कार्रवाई प्रकाशित कर अवैध घोषित किया हुआ था। और लोगों को चेतावनी दी गई थी कि वे इस गांव की जमीन न खरीदें, यह अवैध मानी जाएगी और प्रशासन कार्रवाई करेगा। इसके बावजूद यहां पर दिन आैर रात काम कर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग खड़ी कर दी गर्इ।

प्रशासन गंभीर जांच करने में जुटे अधिकारी

अब भवन गिरने का इतना बड़ा हादसा होने के बाद प्रशासन गंभीर है।इस संबंध में अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन कुमार विनीत को मजिस्ट्रियल जांच सौंपी गई है।जिसमें अपर जिलाधिकारी कुमार विनीत संबंधित घटना के संबंध में सभी पहलुओं पर जांच करते हुए 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

Published on:
18 Jul 2018 01:43 pm
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