
ग्रेटर नोएडा. दादरी नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष का चुनाव रोचक हो गया है। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच में कड़े मुकाबले के आसार नजर आ रहे हैं। 25 साल BJP का दामन थामकर राजनीति की करने वाले मनोज गोयल चुनाव से ऐन वक्त पहले साइकिल यानी सपा पर सवार हो गए हैं। दादरी से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट देकर समीकरण बदल दिए हैं। चुनावी मैदान में उतरने से दादरी में बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ गई है। मनोज गोयल व्यापारी नेता रहे और दादरी व्यापार मंडल के अध्यक्ष भी हैं। कयास लगाई जा रही है कि बीजेपी के लिए वैश्य का वोट बैंक खिसक सकता है।
44 साल के मनोज गोयल बीजेपी के सक्रिय सदस्य रह चुके हैं। मनोज गोयल 19 साल की उम्र में बीजेपी से जुड गए थे। बंजरग दल में जिला संयोजक और विश्व हिंदू परिषद में जिला मंत्री रहे मनोज गोयल ने 2013 में राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हो गए। इस बार मनोज गोयल ने दादरी नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर अपने दावेदारी ठोकी थी। टिकट के संबंध में मिलने के लिए मनोज गोयल स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा से मिलने गए थे। मनोज गोयल ने केंद्रीय मंत्री पर अभद्र व्यावहार करने का आरोप लगाया था। विरोध में व्यापारियों ने महेश शर्मा के खिलाफ मीटिंग की थी। मीटिंग के दौरान बीजेपी का समर्थन न देने का ऐलान व्यापारियों ने किया था। इस मौके को भुनाने में समाजवादी पार्टी पीछे नहीं रही। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमों अखिलेश यादव ने उन्हें लखनउ बुलाकर दादरी नगर पालिका परिषद का टिकट थमा दिया। वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं को वैश्य और व्यापारियों का समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है।
बीजेपी के लिए करारा झटका
चुनाव से ऐन वक्त पहले मनोज गोयल का सपा से नगर पालिका परषिद के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना बीजेपी के लिए झटका माना जा रहा है। दरअसल में मनोज गोयल काफी लंबे समय सेे व्यापारी वर्ग की आवाज उठाते हुए आ रहे हैं। दादरी में व्यापारियों से मांगी जाने वाली रंगदारी के विरोध में बदमाशों के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। हालांकि बाद में उनपर बदमाशों ने गोलियां चलाई थी। इस घटना में दादरी के व्यापारी नेता विनोद अग्रवाल की मौत हो गई थी, जबकि मनोज गोयल घायल हो गए थे। तभी से व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से मनोज गोयल उठाते हुए आ रहे हैं।