18 लाख रुपये के नकली नोट चला चुके है पकड़े गए आरोपी
ग्रेटर नोएडा. पीएम मोदी ने 500 और 1000 के नोट को बंद कर दिया था। दावा किया गया था कि 500 और 1000 रुपये के नोटों से नंकली करंसी पर रोक लगेगी। लेकिन ग्रेटर नोएडा में मामला उलट ही निकला। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने नकली नोट छाप कर मार्केट में चलाने वाले गैंग के 4 सदस्यों को अरेस्ट कर उनसे करीब 6 लाख रुपये बरामद किए है। गैंगलीडर समेत एक बैंक में कर्मचारी भी शामिल था। लोन लेने वालों तक ये नकली दे दिया करते थे। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
पकड़े गए आरोपियों ने रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, अमरोहा समेत यूपी के अन्य कस्बों करीब 18 लाख रुपये के नकली नोट खपा चुके है। इन्होंने पिछले 4 माह से ग्रेटर नोएडा को अपना ठिकाना बनाया हुआ था। इनसे पुलिस ने 200, 500, 2000 रुपये के नकली नोट बरामद किए है। पकड़े गए आरोपियों के तार बेस्ट बंगाल, पाकिस्तान और नेपाल से ज़ुडे हुए बताए जा रहे है।
डीआईजी/ लव कुमार ने बताया कि मुखबीर की सूचना मिली थी कि ईकोटेक-3 कोतवाली एरिया के हबीबपुर गांव में नकली कंरसी बनाने वाले छूपे हुए है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर जाकर छापेमारी की। मौके से नासिर, शाहरुख, दीपक शर्मा और डॉ. नफीस निवासी मुरादाबाद को अरेस्ट किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि पिछले छह माह से नकली नोट छाप कर मार्केट में चला रहे थे। इसकी शुरूआत उन्होंने मुरादाबाद से की। गैंग का लीडर रिहान और कपिल मुरादाबाद स्थित प्रथमा ग्रामीण बैंक में संविदा कर्मचारी थे। दोनों ग्रामीणों को कमीशन पर लोन दिलाने का काम कर रहे थे। रिहान ने ही नकली नोट छापने का आइडिया दिया। उसके पिता एहसान पूर्व में पाकिस्तान में प्रिंट हुई नकली भारतीय नोट को चलाने के आरोप में जेल जा चुका है। डीआईजी ने बताया कि दोनों की बैंक मैनेजर से सेटिंग थी। दोनों लोगों को कैश में लोन देने थे। इसमें कुछ नकली नोट भी मिला देते थे। इसके साथ रामपुर व अमरोहा में लगने वाले पैंठ बाजार में भी काफी नकली नोट चला चुके हैं। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी यहां करीब 18 लाख रुपये नकली नोट चला चुके हैं।