तुर्की के स्थानीय अखबार के रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि तुर्की की पुलिस ने संदिग्ध काले रंग की वैन को राजदूत के गैराज से खोजा है।
अंकारा। तुर्की के फोरेंसिक विशेषज्ञों ने उस वैन को खोज निकाला है, जिसमें सऊदी अरब के लापता पत्रकार जमाल खाशोगी के कथित तौर पर शव ढोने वाले कैब का पता चल गया है। आशंका जताई जा रही है कि इसी कैब से सऊदी अरब के इंस्ताबुल स्थित वाणिज्यिक दूतावास से जमाल का शव राजदूत के निवास पर ले जाया गया था। तुर्की के स्थानीय अखबार के रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि तुर्की की पुलिस ने संदिग्ध काले रंग की वैन को राजदूत के गैराज से खोजा है।
फोरेंसिक टीम ने करीब तीन घंटे बाद वैन को ढूंढ निकाला
दावा किया जा रहा है कि खशोगी के शव को दो अक्टूबर को सऊदी अरब के इंस्ताबुल स्थित वाणिज्यिक दूतावास में प्रवेश करने के करीब दो घंटे बाद वैन दूतावास से निकल गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध हत्या की जांच का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने विशेष रसायन का इस्तेमाल करने के करीब तीन घंटे बाद वैन को ढूंढ निकाला।
इंस्ताबुल के आसपास से गुजरी अन्य वाहनों की भी तलाश
फिलहाल तुर्की की पुलिस उन अन्य वाहनों की भी तलाश कर रही है, जो घटना घटित होने के तुरंत बाद ही इंस्ताबुल के आसपास गई थी।
रियाद से आए एक गिरोह ने उनकी हत्या की
बता दें कि खशोगी अमरीका में वाशिंगटन पोस्ट में काम करता था। लेकिन दो अक्टूबर को इस्तांबुल में वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करने के बाद वह गायब हो गया था। अब तुर्की के अधिकारियों ने दावा किया है कि खाशोगी को प्रताड़ित किया गया और रियाद से आए एक गिरोह ने उनकी हत्या कर दी। कहा ये भी गया कि मारने से पहले उन्हें भारी यातनाएं दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक मौत से पहले उनकी उंगलियां काट दी गई थी। हालांकि सऊदी सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है।
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