
नई दिल्ली : सऊदी अरब में नए सुल्तान के सत्ता संभालने के बाद से लगातार सामाजिक सुधार हो रहे हैं। अब महिलाएं दुनिया के सबसे रूढ़िवादी देश कहे जाने वाले सऊदी अरब में ड्राइविंग सीट पर बैठने जा रही हैं। सऊदी अऱब में महिलाएं को 24 जून से वाहन चलाने की अनुमति मिल जाएगी। सऊदी अरब के यातायात निदेशक मोहम्मद बस्समी ने जानकारी देते हुए बताया है कि, "महिलाओं को ड्राइविंग करने की शुरूआत को लेकर सभी आवश्यकताओं की स्थापना कर ली गई है।
5 शहरों में बने ड्राइविंग स्कूल
18 वर्ष या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने की अनुमति होगी। देश के पांच शहरों में महिलाओं के लिए ड्राइविंग स्कूल स्थापित किए गए हैं और विदेशों में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने वाली सऊदी अरब की महिलाएं इन स्कूलों में ट्रेनिंग देती हुईं नजर आएंगी। बता दें कि पिछले साल सितंबर में महिलाओं के कार चलाने की अनुमति दी गई थी। बरसों से जारी प्रतिबंध को महिलाओं पर से हटाया गया था। सऊदी अरब दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जहां महिलाओं के गाड़ी चलाने पर रोक है।
सुल्तान का 2030 विजन
बता दें कि पिछले कई महीनों से सऊदी अरब में महिलाओं को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। ये क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के प्रयासों का असर है । सुल्तान का विजन 2030 प्लान के तहत देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से आधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है। वहां महिलाओं पर सालों से लगी पाबंदियां हटाई जा रही हैं। पहले सऊदी की महिलाएं गाड़ी चलाने और फुटबॉल स्टेडियम जैसे अधिकारों से वंचित थीं, एक-एक कर उन्हें हटाया जा रहा है।हाल ही में वहां पर फैशन वीक का भी आयोजन किया गया। जिसमें महिलाएं बिना अबाया के रैंप पर वॉक करने की खबरें आईं। सऊदी अरब में सिनेमाघर भी खुलें हैं। जिसमें भारी संख्या में महिलाएं भी फिल्म देखने पहुंचीं