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यमन में सेना और हूतियों के बीच तेज़ हुई जंग, 60 से ज़्यादा लोगों की मौत

Yemen Clashes: यमन में सेना और हूतियों के बीच जंग तेज़ हो गई है। आज इस जंग में 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई।
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भारत

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Tanay Mishra

Sep 05, 2026

Civil war im Yemen

यमन में सेना और हूतियों के बीच जंग (Photo - Washington Post)

यमन (Yemen) में सेना और हूती विद्रोहियों (Houthis) के बीच जंग एक बार फिर तेज़ हो गई है। ताज़ा जंग में आज, शनिवार, 5 सितंबर को यमन में 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई। ये मौतें दोनों पक्षों से हुईं। सैन्य और चिकित्सा सूत्रों के अनुसार सरकारी सेना और हूतियों के बीच ये झड़पें देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में हुईं, जहाँ लाल सागर के रणनीतिक द्वार पर कंट्रोल को लेकर लड़ाई चल रही है।

सैनिक, हूती और नागरिक बने शिकार

जानकारी अनुसार कई घंटों की जंग में 26 सैनिक मारे गए। वहीं हूती पक्ष के चिकित्सा और सैन्य सूत्रों ने 31 हूतियों की मौत की पुष्टि की। इसके अलावा ताइज शहर के एक चिकित्सा स्रोत ने बताया कि एक मिसाइल हमले में बस में सवार 6 नागरिक मारे गए और 7 घायल हो गए। यह बस ताइज से अदन जा रही थी, जहाँ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का मुख्यालय है।

हूतियों पर लगाया हमले का आरोप

यमन के सरकारी अधिकारी ने इस हमले का आरोप हूतियों पर लगाया। यह जंग शुक्रवार की भयंकर लड़ाई के बाद हुईं, जिसमें करीब 129 लोगों की मौत हो गई थी। यह पिछले कई वर्षों में सबसे घातक जंगों में से एक माना जा रहा है।

2022 में टूटा था युद्धविराम समझौता

जुलाई में 2022 के युद्धविराम समझौते के टूटने के बाद से यमन में हिंसा फिर से बढ़ गई है। हूती विद्रोही मोका बंदरगाह को अलग-थलग करने और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab al-Mandab Strait) के पास क्षेत्रों पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह जलमार्ग लाल सागर का अहम प्रवेश द्वार है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

हूतियों ने शहर के पास कुछ पदों पर किया कब्ज़ा

ताइज में एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि आने वाले घंटे निर्णायक साबित होंगे। हूतियों ने एक दिन पहले शहर के पास कुछ पदों पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके जवाब में अदन से सरकारी सैनिकों के सुदृढीकरण भेजे जा रहे हैं। हूती हमले का उद्देश्य मोका बंदरगाह को काटना और रणनीतिक क्षेत्रों की ओर बढ़ना है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यमन एक दशक से ज़्यादा समय से सिविल वॉर की चपेट में है।