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कौन लीक कर रहा था अमेरिका के हथियारों की जानकारी? पेंटागन ने टॉप अफसरों का कराया पॉलीग्राफ टेस्ट

Polygraph Tests: अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों से जुड़े एक बड़े लीक जांच अभियान में कई दर्जन अधिकारियों के पॉलीग्राफ टेस्ट कराए गए। CBS News के मुताबिक, यह जांच अमेरिकी हथियारों से जुड़ी गोपनीय जानकारी मीडिया में सामने आने के बाद शुरू हुई।
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भारत

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Anand Shekhar

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Updated: 5 Sep 2026, 8:05 PM IST

US Military Leak, Pentagon Leak Probe, Polygraph Tests

पेंटागन (फोटो- विकिपीडिया)

US Military Leak: अमेरिकी सेना के हथियारों से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी लीक होने की जांच के तहत अमेरिकी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया। CBS न्यूज ने इस मामले की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट दी। यह जांच तब शुरू की गई जब अमेरिका के अत्याधुनिक हथियारों और सीमित मात्रा में उपलब्ध एडवांस्ड गोला-बारूद के बारे में संवेदनशील जानकारी मीडिया में सामने आई।

दर्जनों अधिकारियों का हुआ पॉलीग्राफ टेस्ट

CBS न्यूज़ के अनुसार, इस गर्मी की शुरुआत में दर्जनों लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया। इनमें US सेंट्रल कमांड के अधिकारी और अन्य कॉम्बैटेंट कमांडर शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि इतने बड़े पैमाने पर पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए इतने सारे लोगों को बुलाना बहुत असामान्य बात थी। पॉलीग्राफ टेस्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन पूछताछ की गई। दो सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि मीडिया में जानकारी लीक होने से जुड़े सवालों पर किसी के भी टेस्ट में फेल होने की कोई खबर नहीं है।

लीक से नाराज थे ट्रंप

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन लीक्स से बहुत नाराज थे। नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले सूत्रों ने बताया कि गोपनीय हथियारों से जुड़ी जानकारी तक पहुंच रखने वाले लोगों की संख्या बहुत कम थी। इसी वजह से यह चिंता भी जताई गई कि कहीं संवेदनशील जानकारी किसी ऐसे व्यक्ति ने तो लीक नहीं की, जो विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहा हो।

CBS न्यूज के अनुसार, सेना के सभी वरिष्ठ अधिकारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं किया गया। पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, जनरल डैन डनफोर्ड का टेस्ट नहीं किया गया।

गोपनीय जानकारी की सुरक्षा जरूरी

CBS News को दिए एक बयान में, पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि विभाग कर्मचारियों से जुड़े अंदरूनी मामलों या चल रही जांच पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं करता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने के मामले को बहुत गंभीरता से लेता है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया भर में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए गोपनीय जानकारी की सुरक्षा बहुत जरूरी है।

यह जांच मीडिया आउटलेट्स की उन रिपोर्टों के बाद शुरू की गई थी जिनमें खुलासा हुआ था कि ईरान के साथ तनाव के दौरान अमेरिकी सेना ने कुछ अत्याधुनिक और सीमित आपूर्ति वाले हथियारों का तेज़ी से इस्तेमाल किया था। इन रिपोर्टों में अमेरिकी हथियारों के भंडार और युद्ध अभियानों के दौरान उनकी तैनाती के बारे में संवेदनशील जानकारी शामिल थी।

पेंटागन और न्याय विभाग ने बनाया था ज्वाइंट टास्क फोर्स

जुलाई में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन और न्याय विभाग के बीच एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाए जाने की घोषणा की थी। इसका मकसद सरकार की संवेदनशील जानकारी मीडिया तक पहुंचाने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना था।

हेगसेथ ने पेंटागन के ऑफिस ऑफ जनरल काउंसल को लीक जांच में जानकारी, रिकॉर्ड और अन्य सहायता मांगने का व्यापक अधिकार दिया था। उन्होंने उस समय कहा था कि जब विभाग की कोई जानकारी लीक होती है, तो न्याय विभाग और FBI समेत अन्य एजेंसियों को जल्द से जल्द कार्रवाई योग्य जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है।