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ईरान के उपराष्ट्रपति ने दी धमकी – ‘अमेरिका के लिए मुश्किल भरे दिन आने वाले हैं’

Iran-US Conflict: अमेरिका से तनाव के बीच अब ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा अरेफ ने धमकी दी है। क्या कहा अरेफ ने? आइए नज़र डालते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

Sep 03, 2026

Mohammad Reza Aref

मोहम्मद रज़ा अरेफ (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) ने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट (Middle East) में फिर से तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना जहाँ ईरान पर हमले कर रही है, जिनमें ईरान को जान-माल का नुकसान भी हुआ, तो वहीँ जवाबी कार्रवाई में ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों जैसे जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात - यूएई, कुवैत, बहरीन और इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र को दहला रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर भी दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है। इसी बीच ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा अरेफ (Mohammad Reza Aref) ने अमेरिका को धमकी दी है।

अमेरिका के लिए मुश्किल भरे दिन आने वाले हैं

ईरानी उपराष्ट्रपति अरेफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ अमेरिका के नए अपराधों ने हमारे सुरक्षा समीकरणों और रक्षा सिद्धांत को बदल दिया है। अब से हमारा जवाब असममित, बहु-स्तरीय और हमलावर को सुरक्षा से वंचित करने वाला होगा। अमेरिकियों को पेट्रोल और ईंधन का स्टॉक करने के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए। अमेरिका और इसकी अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल भरे दिन आने वाले हैं।"

क्या अमेरिकी तेल ठिकानों पर हमला करेगा ईरान?

अरेफ की धमकी से संकेत मिल रहे हैं कि ईरान अब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी पार्टनरशिप में चल रहे तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो अमेरिका में ऊर्जा संकट बढ़ सकता है, जिसका असर लोगों की जेब पर पड़ सकता है। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, वैश्विक तेल सप्लाई पर भी इसका असर पड़ सकता है।

ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने भी धमकी

ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार और ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई (Mohsen Rezaei) ने भी फिर से हमले शुरू करने पर अमेरिका को धमकी दी है। रेज़ाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "इस तरह हाथ-पैर मारने से न सिर्फ आप (अमेरिका) उस भयानक दलदल से बाहर नहीं निकल पाएंगे जिसे आपने खुद अपने लिए बनाया है, बल्कि जल्द ही आप देखेंगे कि युद्ध के मैदान, कूटनीति और आर्थिक घेराबंदी का मुक़ाबला करने के मामले में ईरान की नई रणनीति अमेरिका की नींव ही हिलाकर रख देगी।"