टिकट की खातिर... विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न आयोजन में बुलाकर मनाने का जतन
गुना. जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे टिकट की चाहत वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्थानीय नेता टिकट के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। संगठन के स्तर पर अपनी सिफारिश पहुंचाने के लिए पार्टी के बड़े नेताओं के पुत्रों को खुश करने में भी वे कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। हाल में भाजपा के ऐसे दो आयोजन चर्चा में हैं, जिनमें से एक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन शामिल हुए, जबकि दूसरे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान पहुंचे। जब पार्टी के इतने दिग्गज नेताओं के पुत्र यहां आएंगे तो फिर उनका स्वागत कर उनके नजदीक पहुंचने का मौका कौन छोड़ना चाहेगा। इन दोनों युवा चेहरों की मौजूदगी के दौरान भी ऐसा ही कुछ दृश्य दिखाई दिया। फिलहाल भाजपा में टिकट दावेदारों की संख्या काफी अधिक है। हर दावेदार ने इन दोनों नेता पुत्रों के नजदीक पहुंचने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी।
बीते रोज कार्तिकेय चौहान बमौरी विधानसभा के विशनवाड़ा में एक क्रिकेट मैच का शुभारंभ करने आए थे। यहां आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में कार्तिकेय ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर टिकट की चाहत वाले कई नेता तालियां बजाते हुए दिखाई दिए। कार्तिकेय ने कहा कि उन्हें गाना तो नहीं आता, फिर भी उनकी मां बचपन में उन्हें लोरी सुनाती थी, जिसके बोल थे यशोमति मैया से बोले नंदलाला, राधा क्यों गोरी, मैं क्यों काला। खाटू श्याम पर भी भजन की प्रस्तुति दी। कार्तिकेय के भजन पर प्रदेश के पंचायत मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया भी दो लाइन सुनाने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने यूं दी प्रस्तुति... लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा सो देखा जाएगा।
महाआर्यमन को साधने की कोशिश
बीते माह इसी विधानसभा के फतेहगढ़ में आयोजित एक क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सुपुत्र महाआर्यमन को बुलाया गया था। उनका स्वागत भी सीएम या केन्द्रीय मंत्री से कम नहीं था। आयोजन स्थल से बहुत पहले ही स्वागत द्वार और फूलमालाओं की झालरें लगाई गई थीं। नेताओं का हुजूम था। अपने-अपने समर्थकों के साथ वे उत्साह से महाआर्यमन के नजदीक पहुंचने की कोशिश करते देखे गए। कई बार तो इतनी अधिक धक्का-मुक्की हुई कि महाआर्यमन असहज नजर आए। लेकिन अपने पिता की इस पुरानी संसदीय सीट पर उन्हें मुस्कुराकर तमाम धक्का-मुक्की सहन करते देखा गया। उनके स्वागत का सिलसिला भी काफी लंबा चला। कुछ नेता तो उनके नजदीक पहुंचने के बाद बार-बार आग्रह के बावजूद नीचे नहीं उतर रहे थे।
कार्तिकेय से नजदीकी का प्रयास
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान को साधने के लिए विशनवाड़ा से लेकर जिले की सीमा तक नाप दी। जितने भी नेता कार्तिकेय के इर्दगिर्द देखे गए, वे या तो संगठन में मनमाफिक पद की चाहत रखते हैं या चुनाव में टिकट मिलने की ख्वाहिश रखते हैं। ऐसे नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों के साथ फूलमालाओं से ही स्वागत नहीं किया बल्कि उनका अलग-अलग तरह से सम्मान भी किया। कई नेता तो बार-बार सामने आकर अपना परिचय देते नजर आए। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना था कि जो लोग खेलकूद के बहाने नेता-पुत्रों को बुला रहे हैं उन्हें यह भी डर है कि किसी एक को साधने के चक्कर में दूसरे तरफ के नेता नाराज न हो जाए, इसलिए दोनों को साधने की कोशिश कर रहे हैं।