
गुना। महंगाई और किसानों की समस्याओं के खिलाफ कांग्रेस ने बुधवार को रैली निकाल ज्ञापन दिया। कांग्रेसी बैलगाड़ी के साथ खाली सिलेंडर और चूल्हे को बांधकर ज्ञापन देने पहुंचे, लेकिन कलेक्टर विजय दत्ता ज्ञापन लेनें नहीं आए।
इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुराने कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद राघौगढ़ विधायक जयर्वधन सिंह और बमोरी विधायक महेंद्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता नवीन कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। इसके पहले कांग्रेस कार्यकर्ता शास्त्री पार्क पर एकत्रित हुए और रैली बनाकर जयस्तंभ चौराहा, सदर बाजार, हाटरोड, हनुमान चौराहा होकर पुराने कलेक्ट्रेट पहुंचे।
लेकिन काफी देर तक प्रशासन की ओर से कोई नहीं पहुंचा। फिर एसडीएम अरविंद वाजपेयी आए, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने उनको ज्ञापन नहीं दिया। इसके बाद नाराज कार्यकर्ता प्रशासन की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नवीन कलेक्ट्रेट भवन पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन दिया।
पुलिस तैनात, लगा जाम
रैली के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन करने उतरे कार्यकर्ताओं की संख्या देख बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बाद भी लोगों जाम का सामना करना पड़ा। सदर बाजार, हाटरोड और हनुमान चौराहा पर रैली की वजह से जगह-जगह जाम लग गया। इस वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- डीजल और पेट्रोल के बढ़ाते दामों पर रोक लगाई जाए।
- किसानों को चना का बकाया भुगतान जल्द किया जाए। भावांतर का जल्द भुगतान कराया जाए।
- बीमा राशि का लाभ क्षेत्र के किसानों को तत्काल दिया जाए।
- अधिक बारिश से उड़द और सोयाबीन में हुए नुकसान का सर्वे कराया जाए ओर नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
चना की बोनस राशि दी जाए।
- गेहूं का भी भुगतान अब तक नहीं हो सका है, 265 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाए।
- वन्य जीवों के कारण नुकसान का मुआवजा किसानों को दिलाया जाए।
किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन
उधर जिला मुख्यालय पर एसयूसीआई पार्टी ने किसानों के ऊपर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के नेता लोकेश शर्मा ने बताया, दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर जा रहे किसानों को रोककर उन पर पुलिस ने दमनात्मक कार्रवाई की। आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन से किसानों को दबाने का प्रयास किया।
इससे साबित होता है कि मोदी सरकार किसानों की हितैषी नहीं है, बल्कि दमन करने वाली है। पार्टी ने इस कार्रवाई की निंदा की और कहा कि केंद्र सरकार को किसानों की मांग माननी चाहिए। जयस्तंभ चौराहा पर हुए प्रदर्शन का संचालन सीमा राय ने किया।