भोपाल के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था जहां अंतत: उनकी सांसें थम गईं.
गुना. मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण लगभग थम चुका है पर आमजनों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं. कोरोना के बाद इन दिनों लोग वायरल फीवर से परेशान हैं. अस्पतालो मे इन मरीजों की लाइन लगी हुई है. इधर डेंगू का कहर भी लगातार बढ़ रहा है और ये जानलेवा होता जा रहा है.
शहर की एक महिला की डेंगू से मौत हो गई। भोपाल के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था जहां अंतत: उनकी सांसें थम गईं. अस्पताल ने पुष्टि की है कि महिला की मौत डेंगू से हुई जबकि जिला स्वास्थ्य विभाग को इसकी खबर नहीं है।
लूसन के बगीचा की निवासी नीतू सेन को बुखार था। उनके पति दिलीप सेन SAF में कॉन्स्टेबल हैं। उन्होंने शुरुआती तौर पर जिला अस्पताल में इलाज कराया पर जब आराम नहीं मिला तो वे अपनी पत्नी को भोपाल लेकर आ गए. यहां वे हमीदिया अस्पताल पहुंच गए।
उन्हें सांस लेने में बहुत तकलीफ हो रही थी इसलिए गुना से ही वे ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ भोपाल लेकर गए थे। हमीदिया अस्पताल से उन्होंने पत्नी को बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालांकि उनकी सांस की तकलीफ कम नहीं हुई।
डेंगू होने के कारण पत्नी को कार्डियक अरेस्ट हो गया। उनके ब्लड प्लेटलेट्स काफी कम हो गए थे। 26 अगस्त की शाम को नीतू ने अचानक ऑक्सीजन मास्क हटा दिया। मास्क हटाते ही उनकी मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में इस बात की तस्दीक की गई कि डेंगू की मौत की वजह बना.
अस्पताल से मिले सर्टिफिकेट में भी मौत का कारण डेंगू बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार डेंगू के कारण ही उनकी पत्नी को कार्डियक अरेस्ट हुआ। साथ ही, उनका ऑक्सीजन लेवल भी बहुत कम हो गया था। इसी कारण अंतत: नीतू सेन की मौत हो गई.