गुना

आज तक नहीं पता चली बजरंग किले में चोरी हुईं तोप

आज तक नहीं पता चली बजरंग किले में चोरी हुईं तोप
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Updated: 4 May 2018, 1:05 PM IST
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गुना। जिलेभर में जगह-जगह पुरातत्व महत्व की सामग्री बिखरी पडी हुई है। लेकिन उनके संरक्षण की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि कुछ साल पहले पुरातत्व विभाग ने बजरंगगढ किले को शामिल कर वहां पर विकास कार्य शुरू किए हैं। लेकिन किला परिसर से चोरी गई तोप का आज तक भी कोई पता नहीं है।

इस मामले में पुलिस भी गोल-मोल जवाब देते हुए बचने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि बजरंगगढ किले के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय लोगों के एक समूह ने करीब 1982 में प्रयास शुरू किए थे। इस दौरान किला परिसर में बिखरी पडी पुरा संपदा को आकर्षक बनाने तथा उन्हें यथोचित स्थान पर रखने के प्रयास भी शुरू किए गए। इसी क्रम में एक तोप भी वर्ष २००२ में किला परिसर स्थित हनुमानमंदिर में रखी गई थी, ताकि परिसर को सुंदर बनाया जा सके और लोगों को पुरा संपदा की जानकारी मिलती रहे।

लेकिन वर्ष २००६ सितंबर माह में नवरात्र के दौरान यहां से यह तोप अज्ञात चोर चुरा ले गए। इसके बाद समिति ने बजरंगगढ़ थाने में चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, परंतु अभी तक इस चोरी का पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। किला समिति के पदाधिकारियों की मानें, तो पुलिस ने इसे सामान्य चोरी मानकर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कई बार किला समिति की बैठकों में भी इस मुद्दे को उठाया गया, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण तोप का आज तक कोई पता नहीं चल सका है। वहीं इस संंबंध में पुलिस अधिकारी भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं दे पा रहे हैं और तोपों का सुराग नहीं लग पा रहा है।

सर्किट हाउस से भी पुरानी प्रतिमा गायब
जिला मुख्यालय पर स्थित सर्किट हाउस से भी वर्षों पुरानी पुरातात्विक महत्व की बौद्धकालीन प्रतिमा गायब हो चुकी है, जिसका आज तक कोई पता नहीं चला है। सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश मंथन ने बताया कि उक्त प्रतिमा पुरातात्विक महत्व की है और कई बार इस चोरी की जानकारी भी जिला प्रशासन को दी जा चुकी है। लेकिन अभी तक इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

स्थानीय लोगों का एक समूह बनाकर हमने जनभागीदारी से प्रयास किए थे। वर्ष २००२ में इस तोप को हनुमान मंदिर पर रखवाया गया था, जो वर्ष २००६ में चोरी हो गई। इस संबंध में हमने पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन १२ साल गुजरने के बाद भी चोरी का पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया है।
- प्रदीप मेहरा, किला परिसर विकास न्यास बजरंगगढ़

काफी पुरानी चोरी का मामला है और मैने हाल ही में चार्ज लिया है। १३ साल पुरानी डायरी देखने के बाद ही मैं इस मामले में कुछ कह सकूंगा।
- अशोक जोशी, थाना प्रभारी बजरंगगढ़

जिलेभर में पुरा संपदा बिखरी पड़ी है। अकेले बजरंगगढ़ में ही कई ऐसे स्थल हैं, जिन्हें विकसित किया जा सकता है। लेकिन शासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। बजरंगगढ़ किला परिसर से ही कीमती तोप सहित कई प्रतिमाएं गायब हो चुकी हैं। जिन्हें ढूंढने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
-कैलाश मंथन, सामाजिक कार्यकर्ता

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