
गुना. पांचवीं-आठवीं बोर्ड की परीक्षा दे रहे बच्चों के साथ इससे बड़ा मजाक और क्या होगा कि उन्हें स्कूल की छत पर भरी गर्मी में टेंट के नीचे बैठकर परीक्षा देनी पड़ रही है। इस मामले में स्कूल संचालक ने तो गैर जिम्मेदारी का परिचय दिया ही, शिक्षा विभाग के आला-अफसरों की गंभीर लापरवाही और उदासीनता भी उजागर हुई है।
टेंट के नीचे परीक्षा देने का यह दृश्य किसी ग्रामीण क्षेत्र का नहीं, बल्कि गुना जिला मुख्यालय में कर्नेलगंज स्थित एक निजी स्कूल मदर मेमोरियल स्कूल का है। शनिवार को यहां दोपहर दो बजे से सायं साढ़े चार बजे तक छोटे-छोटे बच्चे पांचवीं बोर्ड की परीक्षा दे रहे थे। उस समय शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से भी कुछ अधिक था। इतने तापमान को सहन करना आसान नहीं है। आप अनुमान लगा सकते हैं कि इतने अधिक तापमान के बीच छत पर टेंट के नीचे उमस भरी गर्मी में बच्चे कितने असहज स्थिति में परीक्षा दे रहे होंगे। गर्म हवा के थपेड़े उन्हें बैचेन कर रहे थे। गनीमत यह रही कि इन्हें छत पर जमीन पर नहीं बिठाया गया था। इनके लिए स्कूल प्रबंधन ने टेबल-कुर्सी का इंतजाम कर रखा था। लेकिन पंखे या कूलर नहीं लगाए गए।
हैरानी की बात तो यह कि मदर मेमोरियल स्कूल में छत पर परीक्षा केंद्र बनाने की भनक न तो शिक्षा विभाग के अफसरों को लगी और न ही जिला प्रशासन के अफसरों को। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये अफसर कितनी गंभीरता से अपनी डॺूटी को अंजाम दे रहे हैं। जब शहर के अंदर ही यह आलम है तो ग्रामीण क्षेत्रों में किन विपरीत हालातों से जूझते हुए बच्चों को परीक्षा देनी पड़ रही होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।