
गुना-आरोन रोड़ पर दुहाई मंदिर के पास चार दिन पहले हुए बस अग्निकांड में जले 11 लोगों की डीएनए रिपोर्ट रविवार को देर शाम गुना आ गई। इस डीएनए रिपोर्ट के मिलान के आधार पर उनके परिजनों को सोमवार को सुबह 8 बजे मृतकों के शव सौंपे जाएंगे। उधर पुलिस ने अनफिट और बगैर परमिट की सड़क पर दौडऩे वाली इस बस के मालिक भानू प्रताप सिंह सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे देर शाम कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है।
बस अग्निकांड में 13 लोग जले थे और 17 लोग घायल हुए थे, इनमें से मृत मनोहर लाल शर्मा की पहचान उनके परिजनों ने बस की सीट पर मिली जॉकेट के टुकड़ों से की थी। वहीं मृत डंपर चालक वीरेन्द्र सिंह की शिनाख्त हो गई थी। इस दुर्घटना में मृत 11 लोगों की पहचान शव के पूरी तरह जलने से नहीं हो पा रही थी। उनकी पहचान के लिए पुलिस ने मृतक का और उसके परिवार का डीएनए मिलान के लिए दो दिन पूर्व सैंपल लिया था।
मकान तोड़ने की चेतावनी देने पर सिकरवार ने किया सरेंडर
इस बस हादसे के आरोपी और सिकरवार बस सर्विस के मालिक भानूप्रताप सिंह सिकरवार को पुलिस ने रविवार को नाटकीय घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसे पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस की एक टीम ने सिकरवार को उसके घर विंध्याचल कॉलोनी से गिरफ्तार करना बताया है। जबकि सूत्रों का कहना है कि बस मालिक के घर बीते रोज प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने धमकी दी थी कि बस मालिक यदि सरेंडर नहीं हुआ तो सोमवार को उसके मकान को ढहाने की कार्रवाई होगी। यह धमकी काम आ गई।