गुना

Guna School News: 75 हजार वेतन, 5000 में भाड़े पर शिक्षक…. 1855 में से 1613 स्कूलों में शिक्षकों के नहीं लगे फोटो

Guna School News: गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की है। इसमें भी ज्यादातर हाईस्कूल और हायर सेकंडरी शामिल हैं।

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May 26, 2025
शिक्षकों की फोटो स्कूल के बाहर लगाई गई। (सोर्स पत्रिका)

Guna School News: फर्जी शिक्षकों की स्कूलों में एंट्री रोकने के लिए शासन के 13 माह पुराने आदेश की जिले में धज्जियां उड़ाई जा रही है। प्रत्येक स्कूल के बाहर वहां पदस्थ नियमित शिक्षकों की तस्वीर प्रदर्शित करने के निर्देश शासन ने दिए थे। लेकिन जिले के 1613 स्कूलों में इस आदेश का पालन नहीं हुआ। आखिर यहां के शिक्षकों को अपना चेहरा दिखाने में किस बात का संकोच है? दरअसल, कई स्थानों पर वहां पदस्थ शिक्षकों की बजाय उनके रिश्तेदार या अन्य व्यक्तियों को ठेके पर रख लेने की शिकायत मिलने के बाद सरकारी स्तर पर यह आदेश जारी हुआ था कि सभी स्कूलों में वहां पदस्थ शिक्षकों के फोटो लगाए जाएं। गुना जिले में 1855 सरकारी स्कूल हैं। इनमें से सिर्फ 241 स्कूलों ने ही शिक्षकों की तस्वीर जानकारी के साथ प्रदर्शित की है। इसमें भी ज्यादातर हाईस्कूल और हायर सेकंडरी शामिल हैं। वहीं 1613 स्कूलों ने तो शिक्षकों की तस्वीर स्कूल में लगाई ही नहीं।

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3000 से 5000 रुपए में भाड़े पर रखे शिक्षक

सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक मोटा वेतन लेते हैं, लेकिन कई शिक्षक अपनी जगह किसी दूसरे पढ़े-लिखे व्यक्ति को 3000 से 5000 रुपए तक में किराए पर बच्चों को पढ़ाने के लिए रख लेते हैं। पूर्व में ऐसे शिक्षकों को सिर्फ नोटिस देकर शिक्षा अधिकारियों ने मामले को रफादफा कर दिया गया था। वर्तमान में एक सहायक शिक्षक का वेतन भी कम से कम 75 हजार रुपए है। कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनके दूसरे कारोबार भी चलते हैं। या अपने रुतबे के कारण वे अपनी जगह किसी अन्य को स्कूल में पढ़ाने भेज देते हैं।

नियमित शिक्षकों की जगह भाड़े के शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल प्रदेश के कई जिलों के स्कूलों की जांच कराई गई थी तब नियमित शिक्षकों की जगह एवज या भाड़े के शिक्षक पढ़ाते हुए मिले थे। गुना में भी कुछ स्कूलों में फर्जी शिक्षक मिले थे। इस खुलासे के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी स्कूलों को आदेश दिए थे कि स्कूलों में पदस्थ प्रत्येक शिक्षकों का नाम, मोबाइल नंबर और विषयवार जानकारी के साथ उनका फोटो प्रदर्शित किया जाए। ताकि छात्र-छात्रा और उनके अभिभावक शिक्षकों के बारे में जानकारी हो। अगर उनकी जगह कोई दूसरा शिक्षक स्कूल में पढ़ाने आए तो पहचान हो सके। भाड़े के शिक्षकों को सबक सिखाने और उनकी पहचान को लेकर यह व्यवस्था लागू की गई है। लेकिन जिले में अभी तक यह फर्जीवाड़ा नहीं रुक पाए। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश को जारी हुए 13 माह बीत चुके हैं। लेकिन जिले में 87 फीसदी सरकारी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया। शिक्षा विभाग के अफसर अक्सर स्कूलों का निरीक्षण करते हैं, लेकिन इस तरफ उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया। जिला शिक्षा अधिकारी अब इस बारे में कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।

नियमों का पालन करवाएंगे

डीईओ चंद्रशेखर सिसौदिया ने बताया स्कूलों में पदस्थ शिक्षक की तस्वीर, उनकी योग्यता एवं विषयवार जानकारी नोटिस बोर्ड या फिर स्कूल के बाहर प्रदर्शित करनी है। पूर्व में लोकशिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किए थे। ज्यादातर स्कूलों ने जानकारी प्रदर्शित नहीं की है। आपके द्वारा जानकारी संज्ञान में लाई गई है, हम इसका पालन कराएंगे।

Updated on:
26 May 2025 05:17 pm
Published on:
26 May 2025 04:56 pm
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