गुना

शादी-विवाह में मजदूरी पर पूड़ी बेलने वाली महिलाएं बनीं व्यवसायी, कलेक्ट्रेट में खोला सुहाना कैफे

शादी-विवाह में मजदूरी पर पूड़ी बेलने वाली महिलाएं बनीं व्यवसायी, कलेक्ट्रेट में खोला सुहाना कैफे

1 minute read
Jul 31, 2018
शादी-विवाह में मजदूरी पर पूड़ी बेलने वाली महिलाएं बनीं व्यवसायी, कलेक्ट्रेट में खोला सुहाना कैफे

गुना. जो महिलाएं पहले विभिन्न आयोजनों में मजदूरी पर पूड़ी बेलकर अपना घर चला रहीं थीं, वे अब व्यवसायी बन गई है। नवाचार के तहत महिला स्व सहायता समूह को जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में उन्हें कैफे संचालन का काम सौंपा है। जिसे पाकर महिलाओं के चेहरे पर भी खुशी साफ झलक रही है।

अब तक बड़े सरकारी कार्यालयों में पुरुषों द्वारा केंटीन का सचालन तो सभी ने देखा है, लेकिन जिले के कलेक्ट्रेट में महिलाओं ने केंटीन खोली है। सुहाना कैफे नाम से केंटीन का शुभारंभ सोमचार को कलेक्टर विजय दत्ता की उपस्थिति में रिबिन काटकर किया गया। जिले में किसी महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित यह पहला कैफे है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बजरंग गढ़ के सुहाना स्व सहायता समूह की महिलाएं कैफे का संचालन करेंगी। शुभारंभ के मौके पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने पूरी मेहनत से कैफे संचालित करने का भरोसा दिलाया।

समूह की सदस्य रानी माली एवं किरण कुशवाह ने बताया कि डेढ़ साल पहले जब वे समूह से नहीं जुडी थीं तब रोजाना दैनिक मजदूरी में लोगों के यहां खाना बनाने और पूडी बेलने जाया करती थीं। जिससे उनका घर परिवार चलता था। देर रात होने पर समस्याएं आती थीं। घर वापस आने के लिए साधन नहीं मिल पाता था। कई बार छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी होती थी। जिससे काम करना मुश्किल हो जाता था।

इन सबके बाद भी और मेहनत के हिसाब से पैसा भी नहीं मिलता था। अब उन्हें स्थाई ठिकाना और रोजगार मिल गया है। उन्होंने कहा कि वे केंटीन के जरूरी सामान भी महिला स्व सहायता समूहों से ही खरीदेंगी। इस दौरान जिपं सीईओ नीतू माथुर, अपर कलेक्टर एके चांदिल, सहायक कलेक्टर दिव्यांक सिंह, डिप्टी कलेक्टर शिवानी रैकवार, परियोजना प्रबंधक ग्रामीण आजीविका मिषन विष्णु पंवार, ब्लाक समन्वयक ज्योति माहेश्वरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Published on:
31 Jul 2018 03:48 pm
Also Read
View All