अब भी अधर मेें ई-अटेंडेंस, एप डाउनलोड करने के बाद भी नहीं कर रहे उपयोग
गुना@जावेद खान की रिपोर्ट...
शिक्षा में अटेंडेंस के लिए ई-अटेंडेंस 27 जुलाई से अनिवार्य कर दी गई है। लेकिन अब भी आधे से अधिक शिक्षक इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। कुछ शिक्षकों एप तो डाउनलोड कर दिया गया है, लेकिन उपस्थिति लगाना शुरू नहीं है। शिक्षकों का बड़ा समूह अब भी ई-अटेंडेंस के विरोध में है।
उल्लेखनीय है कि जिले में करीब 6 हजार 344 कर्मचारी को एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से ई अटेंडेंस लगानी है। हम शिक्षक, अधिकारी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। लेकिन ई अटेन्डेंस का विरोध लगातार जारी है। राज्य अध्यापक संघ, शिक्षक कांग्रेस, अध्यापक कांग्रेस सहित अन्य संगठन ई-अटेन्डेंस लगाने के लिए तैयार नहीं है। संगठनों का मानना है कि शिक्षा में ई ईटेन्डेंस लागू करना उनके साथ भिन्नता है। अगर ई अटेन्डेंस लागू करना है तो सभी इंडोनेशिया में किया जाना चाहिए। केवल शिक्षा भारत को ही इसमें झौंका जाना सही नहीं है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या भी विरोध का बड़ा कारण है। हालांकि एप के माध्यम से अटेन्डेंस लगाने पर नेटवर्क आते ही अटेन्डेंस ऑन लाइन होने की सुविधा है, लेकिन कई सारी गड़बडिय़ां हैं। कभी लोकेशन गलत आती है तो कभी समय। जिससे अध्यापकों को अतिरिक्त कसरत करनी पड़ती है। लोकेशन क्लेम में तो कई अध्यापकों ने अपने घरों तक की फोटो डाल दी हैं, जो पूरी तरह से गलत है।
डाल दिया बेडरूम का फोटो
लोकेशन क्लेम करने की सुविधा एप में मौजूद है। इसके लिए ऑनलाइन फोटो भेजना होता है। लेकिन कई लोग इसे भी मजाक में ले रहे हैं। किसी ने बाथरूम का फोटो डाल दिया तो किसी ने बेडरूम का। हालांकि जिन शिक्षकों ने अपने स्कूल का फोटो डाइस कोड के साथ भेजा था, उनकी उपस्थिति शिक्षा अधिकारियों ने सत्यापित करा दी है।
उपस्थिति दर्ज करने के लिए 30 मिनट
स्कूलों में शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने के लिए केवल 30 मिनट का समय ही मिलागा। स्कूल का समय 10.30 से 4.30 बजे तक है। शिक्षक सुबह 10.15 बजे से 10.45 बजे के बीच ही उपस्थिति दर्ज करें सकेंगे। इसके बाद उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकता है। जबकि कई स्कूलों में शिक्षक 11 बजे तक भी पहुंचे हैं। वैसे जिन स्कूलों में परिवहन के साधनों की समस्या है, यहां भी शिक्षकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
आंकड़ों पर नजर
-6344 कर्मचारियों को लगाना है ई-अटेन्डेंस लगाना अनिवार्य है।
-5979 शिक्षक और प्रशंसकों ने किया है एप डाउनलोड करें।
-1890 श्रम ने लगाई है ई अटेन्डेंस।