गुना

शहर में पानी के संकट पर शुरू हुई राजनीति

सलूजा बोले- सस्ती राजनीति न कर सांसद से दिलवा दें एक करोड़
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Updated: 10 May 2018, 10:37 AM IST
illegal water supply expose
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गुना। करोड़ों रुपए की लागत से नलकूप खनन होने के बाद भी शहर में पेयजल संकट बना हुआ है। इस संकट को लेकर अब राजनीतिक दलों के बीच राजनीति शुरू हो गई है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेजी से चल पड़ा है।

नपाध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा ने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए कांग्रेस के सांसद से एक करोड़ रुपए की राशि दिलाने में कांग्रेस नेता और पार्षदों से सहयोग करने को कहा है। उधर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष सुनील मालवीय ने राजेन्द्र सलूजा पर कटाक्ष किया और उनसे पूछा कि क्या वे कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछकर नगर पालिका अध्यक्ष बने थे।

खास बात तो ये है कि बीते रोज कांग्रेस के जो पार्षद या महिला पार्षद पति ज्ञापन देने गए थे, उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष सफाई ही नहीं दी बल्कि यहां तक कह दिया कि उनके यहां पानी की कोई कमी नहीं हैं, हम तो पार्टी के नाते चले गए थे।

जिला अस्पताल का नलकूप हुआ खराब
एक तरफ भीषण गर्मी में जहां शहर के एक दर्जन से अधिक नलकूप और जलस्त्रोत पूरी तरह से दम तोड़ गए हैं। इसी क्रम में पिछले दिनों जिला अस्पताल में पानी की आपूर्ति के लिए लगाया गया एक नलकूप दम तोड़ गया। इससे अस्पताल परिसर के एक हिस्से में पानी के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मरीज और अटेण्डर भी परेशान होते दिखे। नलकूप सुधारने वाले कर्मचारी बुधवार को दिनभर अस्पताल परिसर में लगे नलकूप के पाइप और मोटर को निकालते नजर आए।

हम तो वैसे ही चले गए थे:कांग्रेस पार्षद
नगर पालिका परिसर में उस समय विचित्र स्थिति निर्मित हो गई जब कांग्रेस के पांच-छह पार्षद या महिला पार्षद पति वहां पहुंचे तो नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष यह सफाई देते हुए सुने गए कि हम तो वैसे ही चले गए थे। उनके वार्ड में पानी की कोई कमी नहीं हैं।

सांसद के भरोसे बने थे नपाध्यक्ष: मालवीय
नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष सुनील मालवीय ने पेयजल समस्या को लेकर नपाध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा पर निशाना साधा और उनसे पूछा कि क्या वे सांसद सिंधिया के भरोसे नपा अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कहा कि अब जब शहर में पेयजल की विकराल समस्या खड़ी हो गई थी तो सांसद-विधायक से नपाध्यक्ष पैसे मांगे हैं। जबकि सामाजिक कार्यों के नाम पर लाखों खर्च करने वाली नपा के पास पेयजल के लिए पैसे नहीं है। मालवीय के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा स्वीकृत 72 करोड़ रुपए की योजना से पूरे शहर की प्यास बुझनी थी, लेकिन नपा के जिम्मेदारों ने इसमें जमकर भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कलेक्टर से योजना में भारी भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की है।

सलूजा बोले- कांग्रेसी सांसद से राशि दिलाएं
नगर पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा ने कहा कि शहर में पानी की कोई कमी नहीं हैं। पानी की कमी केवल अवैध कनेक्शन वालों के घरों में है। उन्होंने कहा कि गुना शहर की जनता ने मुझे अकेले नहीं सांसद सिंधिया को भी वोट देकर चुना है, सिंधिया का फर्ज है कि वे यहां के जनप्रतिनिधि होने के नाते, यहां की जनता की चिंता पहले करें। कांग्रेस नेता और पार्षदों को सलूजा ने सलाह दी है कि वे पानी की कमी बताकर सस्ती राजनीति न करें, वे अपने सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपने इस शहर को भरपूर पानी के लिए एक करोड़ रुपए नगर पालिका को दिलाएं। मैंने तो अपनी पार्टी के विधायक से भी एक करोड़ रुपए की राशि पेयजल के लिए मांगी है।

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