गुना

MP Flood Live कई दिनों से भूखे हैं बाढ़ पीड़ित, नहीं मिल रही मदद, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम

सोडा में चल रहा है रेस्क्यू , दो राज्यों की टीम जुटी
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Updated: 7 Aug 2021, 3:18 PM IST
MP Flood Guna Flood Shivpuri Flood Parwati Flood
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गुना। मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति अभी भी बरकरार है. सर्वाधिक प्रभावित 5 जिलों में से कुछ जगहों पर हालात जरूर सुधरे हैं पर जिले में अभी भी पार्वती नदी उफान पर चल रही है. पार्वती नदी में आई बाढ़ में सैंकड़ों लोग फंस गए हैं. इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है. जिले के सोडा में साढ़े तीन सौ लोग फंसे है जिनके लिए रेस्क्यू जारी है.

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2.51 pm

दतिया जिले में गोराघाट इंदरगढ़ रोड पर बाढ़ पीड़ितों ने जाम लगाया। ग्राम पाली और सुनारी के बाढ़ पीड़ितों ने ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। ये लोग राहत सामग्री नहीं पहुंचने से नाराज हैं। बाद में मौके पर पहुंचे तहसीलदार सुनील भदौरिया के आश्वासन पर जाम खोला गया.

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2.00 pm

शिवपुरी में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया. हवाई पट्टी पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि शिवराज सिंह घोषणा कर रहे हैं, लेकिन पीड़ित को राहत कब मिलेगी, सरकार यह बताए।

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1.45 pm
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बाढ़ से बने हालातों और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अधिकारियों से चर्चा की. उन्होने खासतौर पर गुना, अशोकनगर और विदिशा में हालात का जायजा लिया.

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1.25 pm
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एयरफोर्स और आर्मी का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. पड़ौसी जिलों अशोकनगर और विदिशा में बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है.

बताया जा रहा है कि ग्राम सोडा बमौरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पाठी के अंतर्गत आता है. इस गांव के साढ़े तीन सौ लोग पार्वती नदी के पानी में आई बाढ़ में फंस गए हैं. इनको सुरक्षित निकालने के लिए एमपी और राजस्थान की एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें मौके पर पहुंच गई थी। शुक्रवार को देर रात प्रयास भी किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए।

शनिवार को सुबह करीब नौ बजे हेलीकॉप्टर की मदद से इन लोगों को निकलवाने का काम शुरू किया गया. अभी तक यह रेस्क्यू जारी है। बताते हैं कि अभी तक तीन राउंड में डेढ़ सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। एक बार हेलीकॉप्टर का पेट्रोल भी खत्म हो गया था, जिसको लेने वह भोपाल गया फिर लौटकर आया।

मौके पर कलेक्टर फ्रेंक नोबल और पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के अलावा राजस्थान के भी अधिकारी वहां मौजूद हैं। सोडा गांव मप्र और राजस्थान की सीमा पर बसा हुआ है। यह पार्वती नदी से चारों ओर से घिरा हुआ है। गांव के सभी लोग टापू पर बैठे हुए हैं। शिवपुरी के दो अन्य गांव वुद्दा और कैमा में भी बाढ़ का खतरा बन गया था। प्रशासन अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

इससे पहले शिवपुरी में सिंध का जलस्तर बढ़ने पर फिर अलर्ट जारी कर दिया गया था. पास के गुना व अशोकनगर जिलों में शुक्रवार को मूसलाधार हुई जिससे यहां का पानी सिंध के रास्ते शिवपुरी आ गया। शुक्रवार को रात 8 बजे एकाएक पचावली पुल के ऊपर 5 फीट से ज्यादा पानी था जिससे आवागमन बन्द कर दिया गया था। इसी तरह ग्वालियर में पार्वती नदी किनारे के गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया. इधर श्योपुर के छह गांवों —अरारा,खुरिया,सेवला,विनेगा,नहर खेड़ा और धौबनी पर भी खतरा बना है।

Updated on:
7 Aug 2021, 3:18 PM IST
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