MP News: एमपी में पेट्रोल पंप से निकले ईंधन ने शहर को जाम में बदल दिया। पेट्रोल नहीं, पानी निकलने से दर्जनों वाहन बंद हो गए। गुस्साए ग्राहकों ने सबूतों के साथ पंप पर जमकर हंगामा किया।
MP News:गुना शहर के कैंट क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गुना-अशोकनगर मार्ग पर सत्य साईं फ्यूल्स पेट्रोल पंप (Satya Sai Fuels petrol pump) से निकले 'दूधिया ईंधन' ने दर्जनों वाहनों की रफ्तार थाम दी। बुधवार को एक के बाद एक कई वाहनों के बीच सड़क पर बंद होने के बाद जब पेट्रोल की जांच की गई, तो टैंक से पेट्रोल नहीं बल्कि पानी का सैलाब निकला। आक्रोशित वाहन मालिकों ने बोतलों में पानी वाला पेट्रोल भरा और पंप पर धावा बोल दिया। वहां जमकर हंगामा किया। कैंट निवासी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को अपनी बाइक में 120 रुपए का पेट्रोल डलवाया था। इसके तुरंत बाद ही गाड़ी ने झटके लेना शुरू कर दिया और बंद हो गई।
बुधवार सुबह जब बाइक स्टार्ट नही हुई, तो उन्होंने मैकेनिक को दिखाया। टैंक से जब पेट्रोल निकालकर बोतल में भरा गया, तो वह दूधिया रंग का था। उसमें बड़ी मात्रा में पानी नीचे जमा था। धर्मेंद्र के अनुसार एक लीटर पेट्रोल में लगभग 200 ग्राम तक पानी की मिलावट पाई गई। इसे पर वे पेट्रोल पंप पहुंचे। धीरे-धीरे पंप पर ऐसे दर्जनों पीडि़त जमा हो गए, जिनकी गाडिय़ां पेट्रोल डलवाने के चंद मीटर बाद ही जवाब दे गई थीं।
हाथ में बोतलें लिए नारेबाजी कर रहे ग्राहकों के सामने शुरुआत में तो पंप प्रबंधन ने पल्ला झाडऩे की कोशिश की, लेकिन बढ़ती भीड़ और ठोस सबूतों के आगे उन्हें घुटने टेकने पड़े। हैरानी की बात यह रही कि घंटों चले इस प्रदर्शन के बावजूद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग या नाप-तौल विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
हंगामे के बीच पंप संचालक ने तर्क दिया कि पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण भूमिगत टैंक में रिसाव होने से पानी मिल गया होगा। हालांकि, इस दलील ने ग्राहकों के गुस्से को और हवा दे दी। लोगों का सीधा सवाल था कि यदि रिसाव की आशंका थी, तो बिना शुद्धता जांचे बिक्रियां जारी रखी गई? आखिर में माहौल बिगड़ता देख संचालक ने सभी प्रभावित वाहनों से पुराना ईंधन निकालकर मु0त में नया पेट्रोल भरने का आश्वासन दे स्थिति को संभाला। (MP News)
कैंट पेट्रोल पंप पर ये विवाद हुआ है, जानकारी नहीं है। वाहन चालकों को शिकायत है तो वह हमारे पास आएं। हम उनको सुनकर सैंपलिंग कर गुणवक्ता जांचेंगे।-अवधेश पांडे, जिला आपूर्ति अधिकारी