गुना

‘सड़कों की हालत खराब, जिम्मेदारों का रवैया उदासीन, तो हम क्यों दें मनमाना टोल टैक्स’

ये आए सुझाव...एमपीआरडीसी का कार्यालय गुना शहर में खुलवाया जाएं। औद्योगिकी विस्तारीकरण के लिए स्टेट हाईवे और पीडब्ल्यूडी की सड़कों को अच्छा बनाया जाएं। सड़क कोई भी हो वहां लाइटिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। वाहनों से लाइफटाइम रोड टैक्स वसूला जाता है, ऐसे वाहनों से टोल वसूली न की जाएं। मारूति शोरूम के पास लगे बनते जा रहे एक्सीडेंट जोन पर अधिकारी ध्यान दें। भ्रष्टाचार और राजनैतिक पर अंकुश लगवाया जाए।

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Apr 08, 2023
‘सड़कों की हालत खराब, जिम्मेदारों का रवैया उदासीन, तो हम क्यों दें मनमाना टोल टैक्स’

गुना. शहर की सड़कों की दुर्दशा पर पत्रिका के टॉक शो में शुक्रवार को प्रबुद्ध नागरिकों ने साफतौर पर कहा कि सड़कों की हालत बहुत खराब है, लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, फिर भी जिम्मेदारों ने कोई पहल नहीं की है। इसके बाद भी हम टोल टैक्स के रूप में मनमानी रकम क्यों दें? उनका कहना था कि नेता-अफसरों के गठजोड़ के कारण भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। जिसकी वजह से दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। जैसा कि पगारा टोल प्लाजा पर टोल नहीं तो रोड नहीं की मांग पर आंदोलन करने वालों के साथ हुआ।

गड्ढों वालीसड़क की वजह से दुर्घटना में कोई शिकार होता है तो उसका जिम्मेदार सड़क निर्माण कंपनी, टोल प्लाजा कंपनी और विभाग के अधिकारी पर एफआइआर होना चाहिए। हमारी मांग है कि एमपीआरडीसी का कार्यालय गुना में खुलवाया जाएं। इस सामाजिक व ज्वलंत मुद्दे को पत्रिका ने अपनी मुहिम के तहत उठाया है इसके लिए पत्रिका बधाई की पात्र है। जब तक सड़क नहीं बनती है, तब तक टोल न वसूला जाएं। शहर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर शहर के प्रबुद्ध नागरिक मंगलवार को कलेक्टर फ्रेंक नोबल और पुलिस अधीक्षक राकेश सगर से मिलने जाएंगे। पत्रिका ने स्टेट हाईवे की गुना से अशोकनगर सीमा तक और पगारा स्थित टोल प्लाजा व मारूति शोरूम से चिंताहरण तक की पीडब्ल्यूडी की सड़कों की हालत को लेकर शुक्रवार को टॉक शो का आयोजन किया था।

टोल कंपनी पर करुंगा केस: वरुण

जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अभिभाषक वरुण सूद का कहना है पत्रिका ने अपनी मुहिम के तहत जो सड़क मुद्दा उठाया है, उसके लिए पत्रिका बधाई की पात्र है। टोल का विरोध करने वालों पर जिन्होंने एफआइआर की है और करवाई है उन समेत टोल कंपनी और एमपीआरडीसी के अधिकारी के खिलाफ कोर्ट में केस करुंगा और एफआईआर वालों का नि:शुल्क केस लडूंगा। सड़क खराब है तो उस पर होने वाले एक्सीडेंट की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग और टोल कंपनी की है उन पर भी कानूनी कार्रवाई होना चाहिए।

शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के बोल..

. नेताओं और अफसरों के गठजोड़ से बढ़ रहा है भ्रष्टाचारभ्रष्टाचार हावी

रिटायर्ड प्रिंसिपल और शासकीय पेंशनर संघ के अध्यक्ष घनश्याम श्रीवास्तव कहते हैं कि भ्रष्टाचार और राजनैतिक हर मामले में हावी होते जा रहे हैं। जिससे निर्दोष लोगों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं।

टोल किस बात का

जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि कोई भी टोल कंपनी हो, यदि एग्रीमेंट अनुसार वसूली हो गई तो टोल नहीं वसूला जा सकता है।

ड्रेनेज सिस्टम हों

प्रधानमंत्री सड़क परियोजना में लंबे समय तक रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर कैलाश नारायण बंसल कहते हैं कि गुना-अशोकनगर रोड सड़क की हालत के लिए ड्रेनेज सिस्टम न होना जिम्मेदार है।

गड्ढों में ढूंढना पड़ रही है सड़क: राजेश

व्यापार महासंघ और कैट के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल कहते हैं कि गुना से अशोकनगर जाने वाले सड़क ऐसी हो गई है जिसमें गड्ढों में सड़क को ढूंढना पड़ता है। आज का युवा यहां से गुजरने के बाद कमर दर्द का शिकार हो रहा है।

एक्सीडेंट जोन को खत्म कराएं : शिंदे

मराठा समाज से जुड़े युवा अभिभाषक आशीष शिंदे ने तल्ख भरे अंदाज में कहा कि गुना में मारूति शोरूम के पास बने डिवाइडर जो अधूरे हैं वहां एक्सीडेंट जोन बन गया है। अपंगता होने पर संबंधित कंपनी और अधिकारी पर एफआइआर होना चाहिए।

कार्रवाई जरूरी

सोने-चांदी व्यवसायी विवेक सोनी का कहना था कि सड़कें कोई भी हो उसको सुधरवाना चाहिए। क्षेत्र की सुन्दरता भी सड़कों से ही होती है।

वसूली पर रोक लगे

शहर के युवा शेरा राजावत ने कहा कि एमपीआरडीसी ओर टोल कंपनी के अधिकारी और यहां के नेताओं का चक्रव्यूह तोड़ना बेहद जरूरी है। सड़क नहीं तो टोल किस बात का लिया जा रहा है। सड़क बनाई जाएं, उसके बाद वसूला जाए।

जहां रोड, वहां टोल

भाजपा नेता बलवीर सिंह रघुवंशी कहते हैं कि जहां रोड अच्छी है वहां तो टोल वसूला जा सकता है। लेकिन सड़क अच्छी न रहने पर टोल नहीं वसूलना चाहिए। हमारी बात को सरकार गंभीरता से लें।

प्रसूताओं के लिए सड़कखतरनाक

महिला कांग्रेस अध्यक्ष व अभिभाषक सीमा यादव ने कहा कि अशोकनगर की ओर से गुना ग्रामीण के क्षेत्र से आने वाली प्रसूताओं के लिए यह सड़क बहुत खतरनाक बन चुकी है। गड्ढों में गिरने से रास्त में एक-दो प्रसव भी हो चुके हैं।

सड़क बिना औद्योगिक विकास नहीं

चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष व सीए अमित सौगानी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के डेवलपमेंट के लिए सड़कें अच्छी हों। सड़क बिना औद्योगिक विकास गुना में कभी नहीं हो सकता। टोल सड़क और पत्रिका मुहिम में 1236 गड्ढे होने की जो बात सुनी है, वह चिंतनीय है।

नेता और अफसर देते हैं बढ़ावा

इंजीनियर वेलफेयर सोसायटी से जुड़े महेश रघुवंशी बोले- गुना-अशोकनगर जाने वाली सड़क खराब होने के बाद टोल वसूलने के पीछे नेता-अफसरों-टोल कंपनी का गठजोड़ है। जिनकी वजह से विरोध करने वालों पर एफआइआर हुई। इसी गठजोड़ की वजह से सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता भी गिरती जा रही है। कलेक्टर से कहना है कि तत्काल पगारा टोल प्लाजा पर टोल की वसूली पर रोक लगाएं।

झूठे केस लगा दिए

बेंहटा घाट के रहने वाले किसान दिनेश रघुवंशी कहते हैं कि रोड नहीं तो टोल नहीं पर ईसागढ़ में टोल पर रोक लगाई थी, उस तरह की गुना के पगारा टोल प्लाजा पर रोक क्यों नहीं लगाई जा सकती। हमने विरोध किया तो हम पर पुलिस ने झूठे केस दर्ज कर दिए। जनता की परेशानी समझना चाहिए।

शहर की सड़कें जल्द चमकेंगी

नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष धर्म सोनी ने कहा कि शहर की जो सड़कें हैं उनको नगर पालिका ने एक प्लान के तहत अच्छी बनाए जाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है, जल्द ही यहां की सड़कें चमकेंगी और इंदौर और ग्वालियर से गुना अंदर आने के लिए दो प्रवेश द्वार बनवाए जा रहे हैं। स्टेट हाईवे की सड़कों के लिए जिम्मेदार अफसरों और विभाग को चिंता करना चाहिए। सड़क अच्छी नहीं है तब तक टोल पर रोक लगवाई जाएं।

Published on:
08 Apr 2023 10:07 pm
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