किसान चिंतित: आग की घटनाएं देख बढ़ा फसल जलने का खतरा
गुना. पूरे जिले में बड़े पैमाने पर खेतों में नरवाई जलाई जा रही है। इससे किसान चिंतित हैं। जिन किसानों की फसल कट गई है, वे खेतों में ही नरवाई जला रहे हैं, इससे आसपास के खेतों के उन किसानों को डर लगा रहता है, जिनकी पकी फसल अभी खेत या खलिहान में ही है।
गुरुवार को आरोन-राघौगढ़ रोड से लगे खेतों में दिन में नरवाई जलते हुए दिखी। यह आग हवा के साथ खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसलों की तरफ तेजी से बढ़ने लगी। इस दौरान आग की लपटें करीब 10 फीट ऊंची उठने से किसानों में हड़कंप मच गया। आग लगने की खबर मिलते ही किसान खेतों की ओर दौड़े। अपने-अपने प्रयासों से सैकड़ों किसान आग बुझाने में जुट गए। इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अज्ञात कारणों के चलते दोपहर करीब दो बजे नरवाई में आग लगी थी। हालांकि आग पर सभी के प्रयासों से कुछ देर में नियंत्रण पा लिया गया। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो खेत में दूसरे तरफ पकी खड़ी गेहूं की फसल जलकर खाक हो जाती। जिला प्रशासन की चेतावनी के बाद भी कई किसान खेतों में नरवाई जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
पोषक तत्व जलकर हो रहे नष्ट
उल्लेखनीय है कि किसानों ने खेत में खड़ी फसल को हार्वेस्टर से कटवाने के बाद नरवाई (अवशेष) जलाना शुरू कर दिया है। इससे न केवल खेत के पोषक तत्व जलकर नष्ट हो रहे हैं, बल्कि कीट, पक्षियों को भी नुकसान पहुंच रहा है। विभाग व अधिकारी आदेश तो जारी करते हैं, लेकिन पालन नहीं करवा पाते। नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से किसान इसे जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।