
Anya Vats cheating case: गुरुग्राम में सरिता विहार निवासी युवराज सिंह महांदा की हत्या के मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने अन्या वत्स से जुड़े कई आरोप और पुराने विवाद सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, अन्या पर सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने, अपने पार्टनर की पहली पत्नी से घरेलू हिंसा करने और कारोबारी विवाद में कथित भूमिका से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, अन्या कथित तौर पर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को ठगती थी। उसके खिलाफ शिकायत के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था। एक अन्य ठगी का मामला ग्रेटर नोएडा में भी दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है। जांच के दौरान अन्या के कारोबारी संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, उसके पार्टनर युवराज और सान्यम पहले ईमार में काम करते थे। साल 2022 में वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों के बीच अन्या को कथित तौर पर नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बाद युवराज ने कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वाइन कर ली और बाद में अडानी रियल्टी में मैनेजर के तौर पर काम करने लगा। पुलिस का कहना है कि अन्या के खिलाफ तीन शिकायतें सामने आई थीं, जिनकी पृष्ठभूमि की जांच के दौरान पड़ताल की गई। इनमें से एक मामले में उस पर सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, अन्या के पार्टनर सान्यम की पहली पत्नी ने भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सान्यम और अन्या पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए गए थे। यह मामला शाहदरा थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस के मुताबिक, उस समय सान्यम का अपनी पहली पत्नी से तलाक का मामला लंबित था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अन्या और युवराज के बीच किसी तरह का कारोबारी विवाद था या नहीं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में अन्या से जुड़े कुछ रियल एस्टेट संबंधी पेशेवर विवादों की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, युवराज के परिवार ने अन्या पर युवराज के साथ काम करने के दौरान उससे कुछ पैसे लेने का आरोप लगाया है। हालांकि, बताया गया है कि यह मुद्दा बाद में सुलझा लिया गया था। पुलिस अब दोनों के बीच संभावित कारोबारी विवाद और पैसों के लेन-देन की कड़ियां जोड़ रही है। जांच में अन्या के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार, उसके खातों में कई बड़े मूल्य के लेन-देन मिले हैं, लेकिन खाते में पर्याप्त नकदी नहीं थी। अधिकारियों का कहना है कि इन लेन-देन की प्रकृति और उनके संभावित संबंधों की जांच जारी है।
परिवार ने पुलिस को बताया कि युवराज सिंह महांदा की मौत के बाद भी उसके मोबाइल फोन से लगातार मैसेज आते रहे। परिजनों के मुताबिक, युवराज की मौत के बाद फोन से भेजे गए संदेशों को लेकर उन्हें संदेह हुआ। परिवार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और मामले की जांच की मांग की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवराज के फोन का इस्तेमाल उसकी मौत के बाद किसने किया और इन संदेशों के पीछे कौन था।
परिवार का आरोप है कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उन्हें युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। परिजनों को अब तक मौत की वजह और जांच के निष्कर्षों के संबंध में भी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। उनका दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह डूबना बताई गई है। परिवार ने रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की भूमिका और संभावित लापरवाही की भी जांच किए जाने की बात कही है।