
गुवाहाटी(असम)राजीव कुमार: ( Assam News ) असम में कोरोना ( Fear of Corona in pigs ) को लेकर एक नई तरह की दहशत फैल गई है। वह यह कि यह संक्रामक जानलेवा महामारी सुअरों में फैल गई है। दरअसल इस आशंका ने जन्म लिया है रहस्यमय तरीके से सुअरों की लगातार होने ( 2 thousand pigs died ) वाली मौतों से। यहां पिछले कुछ दिनों से सुअरों के लगातार मर लोग दहशत में ( Fear in people ) और सरकार परेशानी में है। विदेश में पशुओं में कोरोना वायरस पाए जाने के बाद यहां सुअरों के मरने से आशंका यह बढ़ गई है कि कहीं इन्हें तो कोरोना नहीं हो गया है।
दो हजार से अधिक सुअरों की मौत
अनजान बीमारी से अब तक दो हजार से अधिक सुअरों की मौत हो चुकी है। इसके बाद राज्य सरकार ने शनिवार को इनके मांस को बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अगले आदेश तक यह जारी रहेगा। फरवरी के अंत में असम के धेमाजी जिले में यह रोग फैला। बाद में यह पास के जिलों में भी फैल गया।
छह जिले प्रभावित
राज्य के पशुपालन मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि फिलहाल यह अनजान बीमारी राज्य के छह जिलों धेमाजी, लखीमपुर, विश्वनाथ, डिबू्रगढ़, शिवासागर और जोरहाट में पाई गई है। सबसे ज्यादा शिवसागर जिले में शुकर 1128 मारे गए हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित छह जिलो को कंटेनमेंट जोन घोषित कर यहां से सुअरों के परिवहन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया है।
नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे
संक्रमित सुअरों के नमूने संग्रहित कर इन्हें जांच के लिए नार्थ ईस्ट रीजनल डिजीजेज डॉयगोनस्टिक लेबोरेटरी और भोपाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्यूरिटी एनिमल डिजीजेज भेजा गया है ताकि पता लगाया जा सके कि ये क्यों मर रहे हैं। मंत्री बोरा ने कहा कि पालन करने वालों से कहा गया है कि वे बायो सैफ्टी नियमों का पालन करें और शुकर मरता है तो उसे छह फीट गहरे गड्ढे में दफनाए।
मुख्यंमत्री ने दिए जांच के निर्देश
उन्होंने कहा कि भोपाल से अगले दो-तीन दिनों में रिपोर्ट आने के बाद ही इनकी मौतों से परदा उठेगा। शुकर पालन से काफी युवा जुड़े हैं इसलिए सरकार इनके नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करेगी। मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि यह बीमारी अन्य पशुओं या मनुष्य में जाने की कोई संभावना नहीं है। इस बीच मुख्यमंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने उच्च स्तरीय बैठक कर तुरंत एहतियाती उपाय करने को कहा है। उन्होंने पूरे मामले की जांच करने को कहा है।