गुवाहाटी

सरकार की प्रतिबद्धता पर उठाया सवाल, कहा-नगा समझौते का रखें खयाल

NSCN-IM: नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन-आइएम) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खत लिखकर नगा रसमस्या का समाधान करने के लिए भारतीय सरकार की प्रतिबद्धता...
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Updated: 8 Aug 2019, 10:47 PM IST
NSCN IM question over Indian Govt will to solve Naga Problem
03 August 2015, Naga negotiators and PM and HM at press information

कोहिमा. नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड ( NSCN- IM ) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Narendra Modi ) को खत लिखकर नगा समस्या का समाधान करने के लिए भारतीय सरकार की प्रतिबद्धता को लेकर आशंका व्यक्त की है। संगठन के नेताओं को बहुचर्चित भारत सरकार - नगा शांति वार्ता में और बाधाएं आती दिख रही हैं। इसको लेकर चिंता व्यक्त करते संगठन के चेयरमैन क्यू. तुक्कु और महासचिव मुईवाह ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि बातचीत उच्च स्तर पर होने की उम्मीद थी, लेकिन अब बात राज्यपाल के स्तर पर आ गई है। उन्होंने कहा कि हम यह जानकर खुश हैं कि 26 जुलाई को आखरी औपचारिक वार्ता के समय केंद्र सरकार के वार्ताकार आरएन रवि ने तीन महीने की समयावधि में भारत-नगा राजनीतिक समस्या को हल करने का वादा किया था। अभी कुछ अहम मुद्दों जैसे झंडा और संविधान पर दोनों पक्षों के बीच में सहमति नहीं हुई है। एनएससीएन-आइएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश के उत्तरोत्तर प्रधानमंत्रियों ने उच्च स्तर पर वार्ता करने, देश के बाहर किसी तटस्थ स्थान पर और बिना किसी पूर्व शर्त वार्ता होने का वचन दिया, लेकिन इस सबका सम्मान नही हुआ। प्रधानमंत्री मोदी को लिखे खत को पढ़ते हुए नगा नेताओं ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर हम भारत आए और वार्ताओं के कई सफल दौर होने के बाद 3 अगस्त 2015 में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने दोहराया कि दोनों पक्ष पिछले 22 सालों से धैर्यता से वार्ता करते आ रहे हैं और एक सम्मानजनक राजनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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