MP News: शहर में बस संचालन के लिए 10 प्रमुख रूट फाइनल कर लिए गए हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से भी सुझाव लिए हैं....
MP News: शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में ई-बस परियोजना अब रफ्तार पकड़ चुकी है। दिल्ली से आए अर्बन ट्रांसपोर्ट निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने ग्वालियर पहुंचकर तैयार किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर का गहन निरीक्षण किया और साफ निर्देश दिए कि जून माह तक हर हाल में सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि आमजन को जल्द से जल्द ई-बस सेवा का लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले रमौआ बस डिपो का जायजा लिया, जहां बसों की पार्किंग, ले-आउट और चार्जिंग पॉइंट्स की व्यवस्था को परखा।
इसके बाद उन्होंने आईएसबीटी बस स्टैंड पर बन रहे 40 ई-बस क्षमता वाले आधुनिक डिपो का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर व मेंटेनेंस एरिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। इस दौरान अपर आयुक्त मुनीश सिकरवार, भवन अधिकारी पवन शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अगर तय समय सीमा पर काम पूरा हुआ, तो ग्वालियर जल्द ही ई-बस सेवा के जरिए स्वच्छ, स्मार्ट और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाएगा।
शहर में बस संचालन के लिए 10 प्रमुख रूट फाइनल कर लिए गए हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से भी सुझाव लिए हैं, ताकि सेवा शुरू होते ही यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
अधिकारियों के मुताबिक, रमौआ और आईएसबीटी डिपो में चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा होते ही मई-जून तक शहर में ई-बसों का संचालन शुरू हो सकता है। परियोजना के पहले चरण में 100 ई-बसें ग्वालियर की सड़कों पर उतरेंगी, जिनमें से 60 बसें रमौआ डिपो और 40 बसें आईएसबीटी डिपो पर तैनात की जाएंगी।
बसों में आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम लगाने के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। साथ ही बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से सीधे ड्राइवर और कंडक्टर को निर्देश दिए जा सकेंगे।
ई-बस सेवा के संचालन और रखरखाव के लिए रमौआ और आईएसबीटी डिपो पर करीब 15.50 करोड़ रुपए की लागत से सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य किए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो पर 4.29 करोड़ के सिविल व आंतरिक कार्य, 7.31 करोड़ का एचटी कनेक्शन, आईएसबीटी में 1.16 करोड़ के सिविल कार्य और 2.73 करोड़ के बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन शामिल हैं।