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MP News: ‘पेंशन’ को लेकर हाइकोर्ट ने दिखाई सख्ती, पूरी तरह से रहेगी बंद

MP News: कोर्ट ने यह भी माना कि पेंशन बंद करने की प्रक्रिया विधिसम्मत तरीके से, राज्यपाल के नाम से जारी आदेश के तहत की गई है...

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Pensions (Photo Source - Patrika)

MP News: हाइकोर्ट ने पेंशन को लेकर सख्ती दिखाई है। भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती दिखाते हुए हाईकोर्ट ने दोषी पाए गए एक सेवानिवृत्त अधिकारी की पेंशन पूरी तरह बंद करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों में दया या सहानुभूति की कोई जगह नहीं है और ऐसे मामलों में कठोर दंड ही उचित है। न्यायालय ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार में दोषी पाया जाता है तो उसके लिए न्यूनतम पेंशन का प्रावधान लागू नहीं होता और उसकी पूरी पेंशन रोकी जा सकती है।

कोर्ट ने यह भी माना कि पेंशन बंद करने की प्रक्रिया विधिसम्मत तरीके से, राज्यपाल के नाम से जारी आदेश के तहत की गई है, इसलिए इसमें कोई कानूनी त्रुटि नहीं है। याचिकाकर्ता धनराज गौर की ओर से दलील दी गई थी कि बिना सुनवाई का अवसर दिए उनकी पेंशन रोकी गई, जो नियमों के विरुद्ध है, और पूरी पेंशन रोकना अनुचित है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए उनकी याचिका निरस्त कर दी।

जानिए क्या है मामला

धनराज गौर ग्वालियर में सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। वर्ष 2020 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अनंतिम पेंशन मिल रही थी। दिसंबर 2022 में विशेष न्यायालय ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद राज्य सरकार ने अगस्त 2023 में उनकी पेंशन स्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी कर दिया था, जिसे अब हाईकोर्ट ने भी सही ठहराया है।

हाईकोर्ट का निर्देश, 10 पुरुष भी शामिल करें

जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर होने वाली भर्ती में 10 पुरुष याचिकाकर्ताओं को आवेदन करने और भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा, इन याचिकाकर्ताओं के परिणाम अंतिम निर्णय के अधीन होंगे।

कोर्ट ने लोक स्वास्थ्य-चिकित्सा शिक्षा विभाग व मप्र कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जबलपुर के संतोष लोधी समेत याचिकाकर्ताओं ने 800+ पदों की भर्ती में 100त्न महिला आरक्षण को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारी चयन मंडल ने नर्सिंग ऑफिसर एवं सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा-2026 में नर्सिंग ऑफिसर के पद 100त्न महिलाओं के लिए आरक्षित किया। पुरुष अभ्यर्थी वंचित हो गए हैं।