MP News: कलेक्टर रुचिका चौहान की सूची के आधार पर नगर निगम की भवन शाखा ने सर्वे किया, जिसमें शहर में कुल 1938 अवैध कॉलोनियां सामने आईं।
MP News: शहर में अवैध कॉलोनियों और अनियोजित प्लॉटिंग के खिलाफ जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस का संयुक्त अभियान अब महज औपचारिकता साबित हो रहा है। पिछले 45 दिन में कुल 28 कार्रवाइयां करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। बुलडोजर सिर्फ सड़कें उखाडऩे, बाउंड्रीवॉल तोडऩे और सीवर लाइन हटाने तक सीमित रहा। कॉलोनी काटने वाले बिल्डरों या कॉलोनाइजरों पर अब तक एक भी एफआइआर दर्ज नहीं हुई।
मध्य प्रदेश कॉलोनी विकास नियम 2021 के तहत भवन शाखा के अधिकारियों को ऐसी कार्रवाई करनी अनिवार्य है, लेकिन भवन अधिकारी बिल्डरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से बचते नजर आ रहे हैं। नतीजा बिल्डर बेखौफ होकर नई-नई अवैध कॉलोनियां विकसित कर रहे हैं। जिन स्थानों पर बुलडोजर चला, वहां कुछ दिनों बाद ही फिर से सड़क, सीवर, पानी की लाइन और बिजली पोल लगाने का काम शुरू हो जाता है। इससे साफ है कि अभियान केवल दिखावा बनकर रह गया है।
कलेक्टर रुचिका चौहान की सूची के आधार पर नगर निगम की भवन शाखा ने सर्वे किया, जिसमें शहर में कुल 1938 अवैध कॉलोनियां सामने आईं। इनमें से 932 पर कार्रवाई का फैसला हुआ। अभियान दो चरणों में चल रहा है। पहला चरण 28 जनवरी से 28 फरवरी तक और दूसरा चरण 9 मार्च से 20 अप्रैल तक। पहले चरण में 66 कॉलोनियों को चिन्हित किया गया, जहां बिना अनुमति अधोसंरचना का विकास हुआ था।
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने जिला पंजीयक को पत्र लिखकर 145 अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगाने की मांग की। इनमें ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की 97, पूर्व की 40 और दक्षिण व ग्वालियर की चार- चार कॉलोनियां शामिल हैं।
नगर निगम पहले भी कई बार ऐसे अभियान चला चुका है, लेकिन बड़े बिल्डरों या कॉलोनाइजरों पर कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अवैध प्लॉटिंग का धंधा आज भी जारी है, जिससे इस बार के अभियान पर भी संदेह गहरा गया है। वैध कॉलोनियों की सूची उपलब्ध निगम सीमा में कुल 297 वैध कॉलोनियां हैं। ग्वालियर में 59, पूर्व में 126, दक्षिण में 23 और ग्रामीण में 89। इनकी सूची नगर निगम की वेबसाइट पर अपलोड है, ताकि लोग केवल वैध जगहों पर निवेश करें।
अवैध कॉलोनी में सड़क पोल व पानी की लाइन तोडऩे सहित सख्ती के साथ कार्रवाई करने और संबंधित पर एफआइआर के लिए कहा है। यदि भवन अधिकारी कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं तो उनके खिलाफ एक्शन करूंगा। अब और अधिक सख्ती के साथ अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई कराई जाएगी। संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम