
Gwalior Tehsildar rape accused Shatrughan Singh Chauhan एमपी का एक बड़ा अफसर अब इनामी आरोपी बन चुका है। वह डेढ़ माह से फरार है, पुलिस को चकमा देकर इधर उधर भाग रहा है। उसकी तलाश में पुलिस कई ठिकानों पर दबिश दे चुकी है पर वह नहीं मिला। ऐसे में फरार अफसर पर पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। ग्वालियर के इस अफसर पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है जिसके बाद से भी फरार चल रहा है। तहसीलदार रहे आरोपी शत्रुघ्न सिंह चौहान पर पहले भी कुछ केस दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पर दबाव बहुत बढ़ गया है और अब उसे जल्द गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।
युवती के यौन उत्पीड़न के आरोपी तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान को सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। देश की शीर्ष कोर्ट ने आरोपी तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान को नियमित जमानत के लिए अधीनस्थ कोर्ट में ही जाने को कहा है। बता दें कि हाई कोर्ट और इससे पहले जिला कोर्ट से भी उसकी याचिका खारिज हो चुकी है।
दुष्कर्म के आरोपी तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान पर महिला ने कई अन्य महिलाओं के साथ भी शारीरिक संबंध होने के आरोप लगाए हैं। महिला ने खुद को उसकी चौथी पत्नी बताते हुए उसके खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। आरोपी के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक 5000 रुपए का इनाम घोषित कर चुके हैं।
बता दें कि पीड़ित युवती विधवा हो गई थी। युवती का कहना है कि शादी का वादा कर तहसीलदार शत्रुघ्नसिंह चौहान ने करीब 16 साल तक उसका यौन शोषण किया। महिला का कहना है कि वह 2008 से ही आरोपी के संपर्क में थी। तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान पर कई सालों से दुष्कर्म करने के साथ ही अन्य युवतियों से भी संबंधन बनाने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत के बाद तहसीलदार फरार हो गया। करीब डेढ़ महीने से पुलिस उसे ढूंढ रही है।
युवती की शिकायत के बाद कलेक्टर ने शत्रुघ्नसिंह को भितरवार के तहसीलदार पद से हटाकर उसे मुख्यालय अटैच कर दिया था। बाद में तहसीलदार चौहान ने भी शिकायत करनेवाली युवती पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था।