ग्वालियर

क्रेन से खड़े किए 16 पिलर, डेढ़ से दो टन है वजन

पिलर खड़े करने के लिए हाइड्रा लोडिंग क्रेन से इन्हें उठाकर रखा गया। पिलर के ऊपर बीम के बाद छत डाली जाएगी। करीब दो माह से राजस्थान के कारीगर नागर शैली में मंदिर के निर्माण में जुटे हैं।
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क्रेन से खड़े किए 16 पिलर, डेढ़ से दो टन है वजन
क्रेन से खड़े किए 16 पिलर, डेढ़ से दो टन है वजन

ग्वालियर। अचलेश्वर महादेव मंदिर पर पुनर्निर्माण के लिए कार्य जारी है। शुक्रवार को 16 पिलर खड़े किए गए। करीब डेढ़ से दो टन वजनी पिलर खड़े करने के लिए हाइड्रा लोडिंग क्रेन से इन्हें उठाकर रखा गया। पिलर के ऊपर बीम के बाद छत डाली जाएगी। करीब दो माह से राजस्थान के कारीगर नागर शैली में मंदिर के निर्माण में जुटे हैं।


निर्माण कर रही सुदर्शन इंजीनियरिंग वक्र्स के संचालक जगदीश मित्तल ने बताया कि मंदिर निर्माण का कार्य करीब पांच महीनों में पूरा होने की संभावना है। मंदिर का पुनर्निर्माण पिछले साल से चल रहा है।
बीच-बीच में अचलेश्वर महादेव मंदिर न्यास के पदाधिकारियों और ठेकेदार के बीच विवाद होने से कई बार मंदिर का काम रुका रहा है। इससे काम में देरी हुई है।

एक बार स्थिति यह बन गई कि ठेकेदार द्वारा पैसे मांगने पर न्यास के पदाधिकारियों ने पत्थरों की नाप जोख करना शुरू कर दिया और कहा कि जितने पैसे दिए जा चुके हैं उतना काम नहीं हुआ है। अब काम की गति तेज होने से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।

Updated on:
14 Sept 2019 01:01 am
Published on:
14 Sept 2019 07:18 am