ग्वालियर

होली पर मिलावट माफिया सक्रिय, मोर बाजार बना ‘मावा कॉरिडोर’

ग्वालियर. दीपावली पर मोर बाजार के जरिए जिस तरह मिलावटी मावा खपाया गया था, क्या होली पर भी वही स्क्रिप्ट दोहराई जाएगी? हालात तो कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। 3 मार्च को होली है, बाजार में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता […]

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Feb 26, 2026

ग्वालियर. दीपावली पर मोर बाजार के जरिए जिस तरह मिलावटी मावा खपाया गया था, क्या होली पर भी वही स्क्रिप्ट दोहराई जाएगी? हालात तो कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। 3 मार्च को होली है, बाजार में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता कहीं नजर नहीं आ रही। जानकारों मुताबिक शहर में रोजाना 60 से 70 ङ्क्षक्वटल मावा पहुंच रहा है। मोर बाजार में प्रतिदिन एक से दो गाडिय़ां उतर रही हैं। यह आवक धौलपुर, मुरैना के अंबाह और ङ्क्षभड के मौ से हो रही है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो यहां जांच दल पहुंच रहे हैं और न ही मावा की नाकाबंदी की कोई ठोस व्यवस्था की गई है।

दीपावली पर मोर बाजार को ही सप्लाई हब बनाकर मिलावट माफिया ने माल खपाया था। तब भी कार्रवाई सवालों के घेरे में रही थी। इस बार भी ङ्क्षभड और मुरैना मार्ग पर कोई चेक पोस्ट नहीं लगाया गया है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ाने के दावे कागजों तक सीमित हैं। आधार कार्ड से बुङ्क्षकग की व्यवस्था भी सख्ती से लागू नहीं हो रही। कार्रवाई के नाम पर विभाग की टीम नमकीन और किराना दुकानों तक सिमट कर रह गई है, जबकि असली खेल मावा मंडियों में चल रहा है।

मोर बाजार की गाड़ी हर दिन पहुंच रही, रास्ते कहीं भी जांच नहीं

  • मोर बाजार में मावा की हर दिन गाड़ी आती रही, लेकिन रास्ते में कहीं भी जांच नहीं की जा रही।
  • मुरैना से आने वाला मावा नेशनल हाईवे होते हुए निरावली, शनिचरा रोड से ग्वालियर पहुंचता है। यहां चेकपोस्ट नहीं बने है।
  • ङ्क्षभड से आने वाला मावा बड़ागांव, मोहनपुर, महाराजपुरा रोड से आता है। यहां के रास्तों पर भी चेकपोस्ट नहीं है।
  • परिवहन का बस सबसे अच्छा माध्यम है। क्योंकि इसमें मावा भेजने वाले का पता करना मुश्किल होता है।

ऐसे बंटा है शहर

  • बृजेश शिरोमणि, गोङ्क्षवद सरगैंया, सतीश शर्मा, सतीश धाकड़ के पास लश्कर, दालबाजार, मोर बाजार सहित महाराज बाड़े का क्षेत्र है। लश्कर क्षेत्र में इन्हें कार्रवाई करनी होती है।
  • लोकेंद्र ङ्क्षसह, राजेश गुप्ता, निरुपमा शर्मा, दिनेश निम के पास उप नगर ग्वालियर व थाटीपुर, मुरार का क्षेत्र है।
  • आठ खाद्य निरीक्षक तैनात हैं।
  • फूलबाग की सडक़ से क्षेत्र का विभाजन किया गया है।

जिले में खाद्य सैंपल की स्थिति

वर्ष नमूने फेल
2022-------------1036-------------241
2023-------------1064-------------212
2024-------------1004-------------153
2025-------------744-------------58

इनका कहना

होली पर मावे की ज्यादा आवक नहीं रहती है। ऐसी दुकानों पर कार्रवाई कर रहे हैं, जहां से आम लोग सामान खरीदते हैं, जिससे सही सामान की बिक्री हो सके।
लोकेंद्र ङ्क्षसह, खाद्य निरीक्षक व दल प्रभारी

Updated on:
26 Feb 2026 05:26 pm
Published on:
26 Feb 2026 05:25 pm
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