
MP Fake College Case Big Action: सबलगढ़ के झुंडपुरा कॉलेज कागजों में संचालित करने के मामले में कुलगुरु प्रो. अविनाश तिवारी सहित 18 प्रोफेसर के खिलाफ ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने के बाद गुरुवार को कॉलेजों की संबद्धता(एनओसी) भी निरस्त कर दी गई। इसके बाद मुरैना कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अरविंद माहौर ने महाराणा प्रताप कॉलेज गुलालई के सिटी ऑफिस व शिवशक्ति कॉलेज को सील्ड कर दिया है। वहीं निर्धारित स्थल झुंडपुरा सबलगढ़ मुरैना में संचालित नहीं पाए जाने के बाद एफआईआर दर्ज की गई।
उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त निशांत वरवडे ने जीवाजी विवि को पत्र जारी कर बताया कि जेयू के अंतर्गत भैरव शिक्षा प्रसार एवं समाज कल्याण समिति सबलगढ़ मुरैना द्वारा संचालित अशासकीय शिव शक्ति महाविद्यालय(पी449) निर्धारित स्थल झुंडपुरा सबलगढ़ मुरैना में संचालित नहीं पाए जाने के बाद एफआईआर दर्ज की गई।
इस आधार पर प्रदेश में अशासकीय महाविद्यालयों के संचालन संबंधी जारी मार्गदर्शिका की कंडिका 10 में प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत भैरव शिक्षा प्रसार एवं समाज कल्याण समिति सबलगढ़ मुरैना द्वारा संचालित अशासकीय शिव शक्ति महाविद्यालय (पी 449) को जारी किए गए।
सभी अनापत्ति प्रमाण पत्रों एनओसी को तत्काल प्रभाव से वापस लिया गया है। इसके साथ ही शांतिदेव लक्ष्मीनारायण शिक्षा एंव समाजकल्याण समिति ग्वालियर द्वारा संचालित अशासकीय लॉ कॉलेज ग्वालियर आईएनएस 1208 को जारी किए गए सभी एनओसी को वापस ले लिया गया है। यह आदेश ओएसडी डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा ने जारी किया।
झुंडपुरा कॉलेज कागजों में संचालित करने के मामले में ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने के अब तिवारी सहित सभी प्रोफेसर बचाव में जुट गए हैं। कुलगुरु प्रो. तिवारी को जहां भोपाल तलब किया गया है और उनसे झुंडपुरा कॉलेज सहित सभी कॉलेजों के निरीक्षण और संबद्धता दिए जाने के संबंध में जानकारी भी मांगी जा रही है। साथ ही कुलसचिव अरुण चौहान को भी जल्द ही सभी दस्तावेजों व रिकॉर्ड के साथ भोपाल बुलाया जाएगा।
राजभवन, उच्च शिक्षा आयुक्त और ईओडब्ल्यू से कभी भी 2011-12 से 2024-25 तक की जानकारी मांगी जा सकती है, इसको लेकर गुरुवार को दिनभर अफसर व कर्मचारी दस्तावेजों को खंगालते रहे। इधर, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त निशांत वरवडे ने आदेश जारी कर भैरव शिक्षा प्रसार एवं समाज कल्याण समिति मुरैना द्वारा संचालित अशासकीय शिवशक्ति महाविद्यालय (पी449) को जारी किए गए समस्त अनापत्ति प्रमाण-पत्रों (एनओसी) को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए वापस ले लिया गया है।
जेयू के कुलगुरु प्रो अविनाश तिवारी सहित 18 प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज होते ही राजभवन, उच्च शिक्षा विभाग, ईओडब्ल्यू और कलेक्टर की ओर से कॉलेज के लिए गठित जांच समिति द्वारा कभी भी निरीक्षण व संबद्धता संबंधी दस्तावेज कभी भी मांगे जा सकते है। इसको लेकर कुलसचिव, डीसीडीसी सहित परीक्षा व गोपनीय विभाग के अधिकारी-कर्मचारी दिनभर दस्तावेजों को एकत्रित कर उनको तैयार करने में लगे रहे।