ग्वालियर. करीब चार महीने से ग्वालियर वन मंडल के जंगलों में घूम रहा चीता आखिरकार कूनो नेशनल पार्क पहुंच गया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार होली के आसपास यह चीता ग्वालियर क्षेत्र से निकलकर कूनो की ओर बढ़ा था और अब उसकी लोकेशन कूनो क्षेत्र में दर्ज की गई है। इसके साथ ही […]
ग्वालियर. करीब चार महीने से ग्वालियर वन मंडल के जंगलों में घूम रहा चीता आखिरकार कूनो नेशनल पार्क पहुंच गया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार होली के आसपास यह चीता ग्वालियर क्षेत्र से निकलकर कूनो की ओर बढ़ा था और अब उसकी लोकेशन कूनो क्षेत्र में दर्ज की गई है। इसके साथ ही फिलहाल ग्वालियर वन मंडल में एक भी चीता नहीं बचा है।
यह चीता लंबे समय से ग्वालियर वन मंडल के विभिन्न इलाकों में नजर आ रहा था। कई बार ग्रामीणों और वनकर्मियों को उसकी मौजूदगी के संकेत मिले थे, जिसके बाद वन विभाग लगातार उसकी निगरानी कर रहा था। चीते की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैङ्क्षकग टीम भी सक्रिय थी। वन विभाग ने निगरानी के लिए दो टीमों में वन रक्षक और चौकीदारों की ड्यूटी लगाई थी। अब चीते के कूनो की ओर लौट जाने के बाद इस निगरानी में लगे आठ कर्मचारी इस जिम्मेदारी से मुक्त हो गए हैं।
यह चीता कूनो से निकलकर पोहरी होते हुए शिवपुरी से ग्वालियर की सीमा में प्रवेश कर गया था। इस दौरान वह करई, सियावरी, आरोन, सिमरिया, बरई पनिहार, लखनपुरा चौकी, राय का आश्रम और चंदुपुरा क्षेत्र के जंगलों में घूमता रहा। इस अवधि में उसने कई स्थानों पर बकरी और अन्य जंगली जानवरों का शिकार भी किया।
वन विभाग के अनुसार इन दिनों चीता ग्वालियर वन मंडल से निकलकर कूनो की ओर चला गया है। इस वजह से फिलहाल ग्वालियर वन मंडल के जंगलों में किसी भी चीते की मौजूदगी नहीं है।