
Gwalior news: आपके बैंक खाते में पैसा जमा है, लेकिन केवायसी और री-केवायसी अधूरी होने पर लेन-देन रुक सकता है। मध्यप्रदेश ग्वालियर में 50 हजार खाताधारकों को बैंक अलर्ट भेज रहे हैं। 30 अक्टूबर तक सत्यापन कराने की अपील की जा रही है। ऐसा नहीं करने पर खातों के संचालन पर रोक लग सकती है। प्रदेश में ऐसे 3 लाख से अधिक खाताधारक हैं। एसबीआइ, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई बैंकों ने शाखाओं में सूचनाएं चस्पा की हैं। बैंक कर्मचारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे खाते हैं, जिनमें एक से पांच साल तक लेन-देन नहीं हुआ है। ऐसे ग्राहकों को फोन और मैसेज करके डॉक्यूमेंट्स अपडेट कराने को कहा जा रहा है।
खाता खुलवाते समय केवायसी कराना ही पर्याप्त नहीं है। जरूरत पड़ने पर री-केवायसी भी करानी होती है। आधार में नाम या पता बदलने, लंबे समय तक खाता इस्तेमाल नहीं स्थितियों में सत्यापन जरूरी हो सकता है। करने और बैंक रिकॉर्ड अपडेट करने जैसी बचत, चालू, एफडी और डीमैट खाताधारकों को भी अपनी केवायसी स्थिति जांचनी चाहिए।
लंबे समय तक खाते का संचालन नहीं होने पर केवायसी और सी--केवायसी कार का संवाद नहीं होने पर और सी-पर खाते का संचालन प्रभावित हो सकता है। ग्राहकों को बैंक के संदेश की पुष्टि आधिकारिक शाखा या अधिकृत माध्यम से करनी चाहिए। जरूरत होने पर दस्तावेज जमा कराएं। खाते पर रोक लगने की स्थिति में बैंक के निर्देशानुसार पहचान संबंधी दस्तावेज देकर उसे दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।- अमिता शर्मा, अग्रणी जिला प्रबंधक, ग्वालियर
नई सड़क निवासी वंशिका का जिंसी नाला स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में पिता के साथ संयुक्त खाता है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले बैंक से फोन आया और सी-केवायसी के लिए दोनों के फोटो व आधार कार्ड मांगे गए। वहीं, बड़ागांव निवासी देवेंद्र गोयल ने बताया कि एसबीआइ से उन्हें लगातार केवायसी कराने के मैसेज मिल रहे हैं, जबकि कुछ समय पहले ही उन्होंने यह प्रक्रिया पूरी कराई थी।