ग्वालियर

छह महीने में संवर जाएंगे बटेश्वर के सभी 200 मंदिर

बटेश्वर के मंदिरों को संवारने का दूसरा दौर जल्द शुरू होगा। इसमें यहां के सभी मंदिरों को छह महीने में तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए इंफोसिस की तरफ से एक बार फिर फंड उपलब्ध कराए...

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Nov 02, 2022
bateshwar tempale
छह महीने में संवर जाएंगे बटेश्वर के सभी 200 मंदिर

ग्वालियर. बटेश्वर के मंदिरों को संवारने का दूसरा दौर जल्द शुरू होगा। इसमें यहां के सभी मंदिरों को छह महीने में तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए इंफोसिस की तरफ से एक बार फिर फंड उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद बंधी है।
बटेश्वर के प्राचीन मंदिरों औैर पुरा संपदा को सहेजने का जो काम इंफोसिस की मदद से शुरू हुआ था, उसको देखने मंगलवार को टीम आई। यह टीम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों के साथ पहुंचे थे। इस दौरान पुरातत्वविद् केके मोहम्मद भी साथ थे। उन्होंने यहां चल रहे काम की जानकारी इंफोसिस के रीजनल मैनेजर मनोज हेगड़े को दी। हेगड़े ने यहां के काम को लेकर संतोष जताया है।

एक घंटे में देखा कैसे और क्या काम हो रहे
इंफोसिस की टीम मंगलवार सुबह बटेश्वर पहुंची। उन्होंने यहां मंदिरों को पुराने स्वरूप में लौटाने के काम को देखा। पुरातत्वविद केके मोहम्मद ने उन्हें इन कामों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यहां के इतिहास और फिर मंदिरों को संवारने की शुरूआत से पहले आत्मसमर्पण करने वाले डकैतों से बातचीत करने जैसी कई बातें बताईं। इंफोसिस फाउंडेशन की टीम की रिपोर्ट पर अगले चरण के लिए फंडिंग हो सकेगी।


100 से अधिक मंदिरों का मूल स्वरूप लौटाया
बटेश्वर मंदिर गुर्जर-प्रतिहार राजाओं ने 8वीं-10वीं सदी में बनवाए थे। समूह में 200 मंदिर हैं। इनमें से करीब 100 मंदिरों का एएसआई ने पुनर्निर्माण करा दिया है। इसके बाद शेष मंदिरों को उनके मूल स्वरूप में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अब दूसरे चरण का काम शुरू किया जाएगा। बता दें कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में क्षेत्रीय निदेश के तौर पर पदस्थ रहने के दौरान केके मोहम्मद ने इन मंदिरों को संवारने की पहल की थी।

फंड के अभाव में अटका था सरंक्षण
सरकार की तरफ से फंड नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पा रहा था। एएसआई ने 90 मंदिरों को तैयार कराया, लेकिन पुराना वैभव लौटाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत थी। सभी मंदिरों को संवारने के लिए बड़ी रकम की जरूरत है। इसमें से कुछ फंड मिल चुका है, जिससे काम शुरू हुआ था।


इनका कहना है
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने छह माह में काम पूरा कर लेने का भरोसा दिया है। इंफोसिस फाउंडेशन की मदद से काम तेज चल रहा है। दो महा का अतिरिक्त समय दिया है। यहां की वर्क प्रोग्रेस देखकर इंफोसिस की टीम का रुख काफी सकारात्मक है।
केके मोहम्मद, पुरातत्वविद्

Published on:
02 Nov 2022 06:18 pm