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पेयजल के लिए बिजली आपूर्ति में ढिलाई पड़ी भारी, बिजली कंपनी के अफसरों को कारण बताओ नोटिस

कलेक्टर रुचिका चौहान ने उप संचालक कृषि को निर्देश दिए कि जिले के किसानों को गुणवत्तायुक्त व मानक खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए निजी खाद-बीज भंडारों से लगातार सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच कराएं।
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ग्वालियर

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Balbir Rawat

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Updated: 1 Jun 2026, 10:16 PM IST

अंतर विभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर ने प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की हुई समीक्षा

अंतर विभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर ने प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की हुई समीक्षा

ग्वालियर में नल-जल योजनाओं एवं अन्य पेयजल स्रोतों की बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने ग्राम घिरौरा, जतर्थी, सिकरावली, बन्हेरी, डबका सिंहपुर, सिहारा, धनवई, द्वारिकागंज, रतवाई व जग्गूपुरा की नल-जल योजनाओं की विद्युत आपूर्ति में ढिलाई सामने आने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।पेयजल स्रोतों से जुड़े खराब ट्रांसफार्मर युद्ध स्तर पर बदले जाएं और विद्युत आपूर्ति की अन्य रुकावटें तत्काल दूर हों। अंतर विभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि ग्रामीण अंचल के खराब हैंडपंप तत्काल दुरुस्त कराए जाएं। सभी एसडीएम ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध हैंडपंप मैकेनिक और पीएचई के वेंडर के साथ समन्वय स्थापित कर काम कराएं। मैकेनिकों के मेहनताने का भुगतान विभाग द्वारा तत्काल किया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, एडीएम सी बी प्रसाद सहित जिले के सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

खाद-बीज के लगातार सैंपल लेकर जांच कराएं

-कलेक्टर रुचिका चौहान ने उप संचालक कृषि को निर्देश दिए कि जिले के किसानों को गुणवत्तायुक्त व मानक खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए निजी खाद-बीज भंडारों से लगातार सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच कराएं। सभी एसडीएम स्थानीय स्तर पर कृषि, सहकारिता व अन्य संबंधित विभागों के मैदानी अधिकारियों की टीम गठित कर निजी दुकानों की जांच व सैंपलिंग की कार्रवाई करवाएं।

-जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश दिए कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले शत-प्रतिशत पढ़ने योग्य बच्चों का नामांकन स्कूलों में अनिवार्य रूप से हो जाए। समग्र डाटा के आधार पर हर गांव के बच्चों की सूची तैयार कर उनका दाखिला कराएं।

-जिला चिकित्सालय व जच्चा खाना सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में अब निजी संस्थाओं के माध्यम से मरीजों व अटेंडर्स के लिए आवासीय परिसर संचालित किए जाएंगे