
ग्वालियर। शहर में अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों में गड़बडी की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के सदस्य जांच में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। सभी सदस्यों ने न तो मौके पर जाकर निरीक्षण किया, न ही सोमवार दोपहर आयोजित बैठक में सभी सदस्य शामिल हुए। जांच कमेटी के सदस्यों ने निगम अधिकारियों से शहर में डाली गई पाइपलाइन की वार्ड वार रिपोर्ट मांगी है।
शहर में अमृत के तहत पानी और सीवर की पाइपलाइन डाली जा रही है। पार्षदों ने इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया था, लेकिन जब सभापति ने इसकी जांच के लिए पार्षदों की कमेटी बना दी तो वह गंभीर नहीं हैं। कमेटी के 11 सदस्यों में से गत दिवस 6 सदस्यों ने एक क्षेत्र में जाकर पहली बार निरीक्षण किया था। इसके बाद सोमवार को जल विहार में कमेटी के सदस्यों के साथ अधिकारियों की बैठक बुलाई गई, लेकिन इसमें भी सभी सदस्य नहीं पहुंचे। बैठक में सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में सीवर और पानी की लाइन डल गई है, उसकी जानकारी मुहैया कराएं। साथ ही जहां डाली जानी है, उसकी भी जानकारी दें।
जहां आबादी नहीं वहां लाइन डालने पर सवाल
जाचं कमेटी के सदस्य पार्षदों ने प्राथमिकता को लेकर सवाल खड़े किए, उन्होंने कहा कि अमृत के तहत पहले मलिन बस्तियों में सीवर लाइन डाली जानी थी, लेकिन वहां न डालते हुए ऐसी जगहों पर लाइन डाल दी है जहां आबादी ही नहीं है। शिवपुरी लिंक रोड पर सीवर लाइन क्यों डाली जा रही है, सदस्यों ने इसकी भी जानकारी देने के लिए कहा है।
यह रहे उपस्थित
बैठक में संयोजक दिनेश दीक्षित, बलवीर सिंह तोमर, गीता राजेश दंडौतिया, राजेश भदौरिया, चंदू सेन, जगत सिंह कौरव, पुरुषोत्तम टमोटिया उपस्थित रहे। नगर निगम की ओर से आरएलएस मौर्य, जागेश श्रीवास्तव, अखिलेश्वर सिंह, राकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
यह रहे गायब
बैठक में कमेटी के सदस्य धर्मेन्द्र राणा, सतीश बोहरे, ऊषा गोस्वामी, निधि अवधेश कौरव अनुपस्थित रहीं।
सभी सदस्यों को कॉल किया था
बैठक के संबंध में सभी सदस्यों को कॉल किया था, इसके बावजूद सभी नहीं आए। जहां लाइन डाली गई है निगम अधिकारियों से उसकी जानकारी देने के लिए कहा है।
दिनेश दीक्षित, संयोजक, अमृत जांच दल