ग्वालियर

ग्वालियर…गजब इंजीनियरिंग, चंबल कॉलोनी में पेड़ों के बीच से बना दी भूल-भुलैया सडक़

मध्य प्रदेश में अजीबोगरीब इंजीनियरिंग के किस्से थमने का नाम नहीं ले रहे। पहले भोपाल में 90 डिग्री पर फ्लाईओवर, फिर इंदौर में भी ऐसा ही एक अजूबा पुल तान दिया। ग्वालियर में जेड-शेप ...

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Jun 21, 2026
gwalior chambal colony
gwalior chambal colony

ग्वालियर. मध्य प्रदेश में अजीबोगरीब इंजीनियरिंग के किस्से थमने का नाम नहीं ले रहे। पहले भोपाल में 90 डिग्री पर फ्लाईओवर, फिर इंदौर में भी ऐसा ही एक अजूबा पुल तान दिया। ग्वालियर में जेड-शेप नाला सुर्खियों में रहा, अब एक ऐसी सडक़ का नमूना सामने आया है जिसे देखकर लोग दांतों तले उंगलियां दबा रहे हैं। हाउङ्क्षसग बोर्ड ने चंबल कॉलोनी में एक ऐसी सडक़ तैयार कर दी है, जहां से वाहन गुजरना किसी एडवेंचर स्पोट््र्स से कम नहीं होगा। यहां पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट का स्टे है, ठेकेदार ने काम की जल्दबाजी में पेड़ काटे बिना ही सडक़ बनाना शुरू कर दिया। जब तक पेड़ नहीं कटेंगे ये सडक़ किसी काम की नही है, एक चौंकाने वाली बात ये है कि यहां से पेड़ों का ट्रांसप्लांट होगा, ऐसे में सडक़ बनने के बाद फिर से खुदेगी।

अंधेरे में हादसे को न्योता

थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत चंबल कॉलोनी में कर्मचारी आवास के पास करीब 500 मीटर की सडक़ का निर्माण किया जा रहा है। इंजीनियरिंग का कमाल देखिए कि सडक़ के एक हिस्से पर बिजली के पोल खड़े थे, लेकिन अफसरों और ठेकेदार ने जहमत उठाने के बजाय पोल समेत ही डिवाइडर और सडक़ का निर्माण कर दिया। स्थिति यह है पेड़ों के बीच से बाइक निकालने के लिए भी वाहन चालकों को जेड-शेप में जिग-जैग गाड़ी चलानी पड़ेगी।

ये है जमीनी हालात: आंकड़ों की नजर से

  • यह सडक़ मौसम विभाग के परिसर के पास से शुरू होकर चौहान प्याऊ तक जाती है। फिलहाल 500 मीटर के हिस्से में डबल सडक़ का निर्माण हुआ है।
  • गोङ्क्षवदपुरी से चंबल कॉलोनी होते हुए चौहान प्याऊ की तरफ जाने वाले लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। 24 घंटे के भीतर 2000 से ज्यादा वाहन गुजरते हैं।

13 हेक्टेयर में तैयार की जा रही है योजना

चंबल कॉलोनी की 13 हेक्टेयर भूमि पर थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना का काम चल रहा है। यहां के पुराने सरकारी क्वार्टर खाली कराए जा चुके हैं और कर्मचारियों के रहने के लिए दूसरी जगह मल्टी बना दी गई है।

कार्यपालन यंत्री बता सकते हैं

थाटीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत पेड़ों को काटने को लेकर हाईकोर्ट में केस चल रहा है। इस कारण उन्हें शिफ्ट या काट नहीं सकते हैं। दो दिन बाद केस की फिर से सुनवाई है। पेड़ों के बीच से सडक़ क्यों बनाई जा रही है। कार्यपालन यंत्री बता सकते हैं।
एनके वर्मा, उपायुक्त हाउङ्क्षसग बोर्ड

एक्सपर्ट …

आरएल भारती, सेवा निवृत्त मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी
वैसे पेड़ हटाने के बाद ही सडक़ बनाना था, लेकिन सडक़ बनने के बाद पेड़ हटाया जाता है तो वहां पर गड्ढा फिर से बन जाएगा। पानी की वजह से बार-बार गड्ढा बनता रहेगा। पेड़ की जगह को विशेष तकनीक से भरना होता है। पेड़ हटाने के बाद सडक़ दोबारा बनाना पड़ेगी। यदि पेड़ नहीं हटता है तो दुर्घटनाएं होंगी।

Published on:
21 Jun 2026 05:49 pm