
ग्वालियर. अगर आप यह मानकर चल रहे हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) दाखिल करते ही आपकी जिम्मेदारी खत्म हो जाती है, तो अब सतर्क हो जाइए। आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जांच की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए कुछ मामलों में अनिवार्य स्क्रूटनी (कंपलीट स्क्रूटनी) का रास्ता साफ कर दिया है। अब केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जोखिम मूल्यांकन या रैंडम चयन के भरोसे जांच नहीं होगी, बल्कि तय श्रेणियों में आने वाले मामलों की विस्तृत जांच अनिवार्य होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 30 जून 2026 तक ऐसे करदाताओं को स्क्रूटनी नोटिस जारी किए जाएंगे, जो विभाग की तय की गई विशेष श्रेणियों में शामिल होंगे।
दस्तावेजों की तैयारी अभी से करें: चार्टर्ड अकाउंटेंट अरुण डागा का कहना है कि विभाग अब पूरी तरह डेटा-ड्रिवन जांच प्रणाली की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में करदाताओं को अपने सभी वित्तीय दस्तावेज व्यवस्थित रखने चाहिए। उनके अनुसार, यदि कोई करदाता इन विशेष श्रेणियों में आता है, तो उसे बैंक स्टेटमेंट, लेन-देन से जुड़े बिल, लोन एग्रीमेंट व जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए।
इस कड़े कदम के बीच विभाग ने आम करदाताओं को पैनिक न होने की सलाह भी दी है। अगर आपके पास सिर्फ सामान्य सूचनाएं जैसे—