ग्वालियर

Baija taal gwalior बैजाताल… गंदे पानी में साफ पानी मिलाकर निगम करा रहा बोटिंग, तीन दिन से प्लांट बंद

यदि आप बैजाताल पर बोटिंग करने के लिए जा रहे हैं तो अपना व अपनी फैमिली का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि यहां निगम द्वारा गंदे पानी से और कंडम बोट से बोटिंग कराई जा रही है। निगम इन बोटिंग से हर दिन हजारों

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Jun 16, 2024
Baija taal gwalior

Baija taal gwalior यदि आप बैजाताल पर बोटिंग करने के लिए जा रहे हैं तो अपना व अपनी फैमिली का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि यहां निगम द्वारा गंदे पानी से और कंडम बोट से बोटिंग कराई जा रही है। निगम इन बोङ्क्षटग से हर दिन हजारों रुपए का राजस्व हासिल कर रहा है, उसके बाद भी मेंटेनेंस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां बोटिंग करने के लिए आने वाले लोग गंदे पानी से आ रही बदबू से परेशान हो जाते हैं। खास बात यह है कि तीन दिन से पानी साफ करने के लिए लगा प्लांट भी बंद है और पानी के घटते स्तर को देखकर निगम द्वारा जलालपुर सीवरेज प्लांट से शहर में पानी का छिड़काव करने वाली मशीन से 24 हजार लीटर से अधिक पानी बैजाताल में डाला जा रहा है। बैजाताल में बोङ्क्षटग के लिए आने वाले सैलानियों को कंडम बोट की सवारी कराई जा रही है और पूरे ताल में काई जमी हुई है।

लाइफ गार्ड भी नहीं

बैजाताल में लगभग 24 बोट हैं, जिनमें से 8 से 10 बोट ऐसी हैं, जिनके पैडल चलते-चलते फ्री हो जाते हैं। ऐसे में बोट पानी में ही खड़ी रह जाती है। ऐसी ही स्थिति लगभग हर दिन देखी जा सकती है। यहां न तो लाइफ गार्ड है, न कोई स्टाफ। न सैलानी लाइफ जैकेट मांगते हैं, न स्टाफ जैकेट पहनाने पर जोर देता है। यहां पर्याप्त संख्या में लाइफ गार्ड की भी व्यवस्था नहीं है। नगर निगम द्वारा बैजाताल में किसी भी प्रकार की घटना होने पर लोगों को लाने के लिए दो बोट को रिजर्व में रखा गया है।

एक माह से बंद है फाउंटेन, पानी से आ रही बदबू

बैजाताल में पानी में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने के लिए लाखों रुपए खर्च कर फाउंटेन लगाए गए हैं, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से यह फाउंटेन एक माह से बंद पड़े हैं। बंद होने की वजह कर्मचारियों द्वारा इन्हें नियमित रूप से नहीं चलाया जाना बताया जा रहा है, जिसके चलते पानी में बदबू आ रही है। जबकि फाउंटेन चलाते समय कभी भी पानी में बदबू नहीं आती थी। बदबू आने के चलते अब सैलानियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार सैलानी अधूरी साइड छोड़कर वापस चले जाते हैं।

2018-19 में शुरू हुई थी बोटिंग

नगर निगम द्वारा सैलानियों को बेहतर पर्यटन उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2018-19 में बोटिंग शुरू कराई गई थी। शुरुआत में यहां 12 बोट आई थीं, उसके बाद यहां और बोट लाई गईं। यहां हर दिन 200 से 250 लोग बोङ्क्षटग करने आते हैं।

हर दिन डाल रहे 24000 लीटर पानी

बैजाताल में बोटिंग के लिए आमतौर पर साढ़े तीन फीट पानी भरा जाता है। लेकिन अभी पानी का लेवल मात्र एक से दो फीट है। इससे कई बार बोट पानी में रुक जाती है। ऐसे में बैजाताल को भरने के लिए तीन दिन से लगातार 24-24 हजार लीटर पानी डाल जा रहा है।

सीवरेज प्लांट की जांच चल रही है

बैजाताल स्थित सीवरेज प्लांट की अभी जांच चल रही थी, इसलिए प्लांट को बंद कर रखा था। जल्द ही उसे चालू करवाया जाएगा। पानी कम होने पर उसमें पानी डलवाया जा रहा है। बोटिंग में यदि किसी को समस्या आ रही है या बोट खराब है तो उसका मेंटेनेंस कराया जाएगा। इसको लेकर मैं संबंधित से बात करता हूं।
हर्ष सिंह, आयुक्त नगर निगम

Published on:
16 Jun 2024 05:42 pm
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