
Bhopal-Delhi Vande Bharat Express: रानी कमलापति (भोपाल) से ग्वालियर होते हुए हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही बिल्कुल नए रंग-रूप में नजर आएगी। ट्रेन का बाहरी रंग पारंपरिक नीले-सफेद की जगह अब आकर्षक केसरिया होगा। इसके लिए ट्रेन को झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप भेजा गया है, जहां अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से पेंटिंग और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई तकनीकी बदलाव किए जा रहे है। झांसी मंडल में पहली बार इस स्तर पर वंदे भारत का ऐसा मेकओवर किया जा रहा है।
झांसी की वैगन रिपेयर वर्कशॉप में वंदे भारत के कोचों की पेंटिंग अत्याधुनिक रोबोट कर रहे हैं। इससे पेंट की गुणवत्ता बेहतर होगी, पूरी ट्रेन को एक समान फिनिश रंग लंबे समय तक टिकेगा और मिलेगी। रेलवे के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के जरिए तेज और अधिक सटीक तरीके से पूरी की जा रही है।
रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के बीच 708 किलोमीटर का सफर वंदे भारत महज 7 घंटे 30 मिनट में पूरा करती है। यही दूरी अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को तय करने में करीब 9 से 10 घंटे लगते हैं। यह ट्रेन भोपाल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट स्टेशन पर ठहराव लेते हुए दिल्ली पहुंचती है।
वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और निर्मित ट्रेन है। आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, बेहतर रफ्तार और यात्री सुविधाओं के कारण यह भारतीय रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों में शामिल है। रेलवे का मानना है कि नए स्वरूप और बेहतर सुविधाओं से यात्रियों का सफर और अधिक आरामदायक होगा।
-वॉश बेसिन की गहराई बढ़ाई गई है।
-टॉयलेट में अब अधिक रोशनी वाली एलईडी लाइटिंग।
-चार्जिंग पॉइंट तक आसान पहुंच।
-सीटों में अधिक कुशनिंग, लंबी यात्रा में आराम बढ़ेगा एग्जीक्यूटिव चेयर कार में बड़ा फुटरेस्ट।
केवल बाहरी रंग ही नहीं, ट्रेन के इंटीरियर में भी कई बदलाव किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा मिल सके।
रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत को केसरिया रंग में तैयार किया जा रहा है। झांसी कारखाने में रोबोटिक पेंटिंग के साथ यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई तकनीकी सुधार भी किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा का अनुभव पहले से बेहतर हो। - मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी रेल मंडल