
ग्वालियर। प्रदेश में 43 दिन बाद विधानसभा चुनाव होना है जिसकी तैयारी में सत्ता दल भाजपा और 15साल से सत्ता से बाहर चल रही कांग्रेस पार्टी इस बार हर हाल में सत्ता को हासिल करना चाहते है। जिसके लिए कोई भी कमी पेशी छोडऩा नहीं चाहते है। लेकिन इन सबके के बीच एक ऐसी खबर आई है जिसने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के लिए मुश्किल बढ़ा दी है।
दरअसल आजकल के युवा डिजिटल मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर अधिक एक्टिव रहते हैं। वह हर क्षेत्र की सूचनाओं से अपडेट रहने के लिए तकनीकी का अधिक उपयोग कर रहे हैं, इस कारण चुनाव में भी सोशल मीडिया की भूमिका बढ़ी है।
यह भी पढ़ें : 10 वाहन,150 जवान एक साथ पहुंचे यहां,लोगों में मचा हडक़ंप
इस बार चुनाव में युवाओं की लगभग 50 प्रतिशत की भागीदारी है,इसलिए यह माध्यम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, लेकिन ग्वालियर के 6 विधानसभा क्षेत्रों की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे विधायकों की सोशल मीडिया पर पकड़ बहुत ढीली है। खास बात यह है कि जिले के विधायकों में से तीन मंत्री हैं,फिर भी वह युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए ट्विटर,फेसबुकपर एक्टिव नहीं हैं।
पत्रिका ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का हाल जाना तो पता चला कि सिर्फ मंत्री मायासिंह के फॉलोअर्स की संख्या एक लाख को पार कर पाई है, जबकि दो की संख्या 2 हजार के आसपास सिमट गई है।
यह है जन प्रतिनिधियों के हाल
विधानसभा चुनाव 2018 में युवा मतदाता अधिक होने से सोशल मीडिया की रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका
ये है विधानसभा
ग्वालियर
ग्वालियर पूर्व
ग्रामीण
ग्वालियर दक्षिण
डबरा
भितरवार
डबरा और भितरवार को छोडक़र शेष चारों विधानसभा में भाजपा के दिग्गज नेता और प्रदेश सरकार में तीन मंत्री भी इन्हीं विधानसभा से है। जिनमें माया सिंह,जयभान सिंह पवैय और नारायण ङ्क्षसह कुशवाह हैं।