23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बीमा क्लेम के लिए हादसे में ड्राइवर को चोट लगना जरूरी है या नहीं? ग्वालियर उपभोक्ता कोर्ट का बड़ा फैसला

Vehicle insurance claim: वाहन दुर्घटना में ड्राइवर को चोट नहीं लगने के आधार पर बीमा क्लेम खारिज करना गलत है। ग्वालियर उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 2.10 लाख रुपए भुगतान का आदेश दिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

Akash Dewani

•

Updated: 23 Oct 2026, 11:29 AM IST

vehicle insurance claim driver not injured consumer court

Gwalior consumer court: ग्वालियर उपभोक्ता कोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील को किया खारिज (फोटो सोर्स-Magnific)

Vehicle insurance claim:ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (उपभोक्ता फोरम) ने वाहन दुर्घटना क्लेम से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बीमा कंपनी की मनमानी पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर क्लेम खारिज नहीं किया जा सकता कि हादसे में ड्राइवर को चोट नहीं आई थी। आयोग ने कहा, यह कतई आवश्यक नहीं है कि हर हादसे में चालक घायल ही हो।

आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शर्मा एवं सदस्य रेवती रमण मिश्रा की पीठ ने एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस कंपनी के क्लेम निरस्तीकरण आदेश को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया। साथ ही कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादी को सर्वेयर द्वारा आकलित क्षतिपूर्ति राशि 2.10 लाख रुपए, मानसिक क्षतिपूर्ति के 3 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 2 हजार का भुगतान 45 दिन के भीतर करे। राशि न देने पर 6 फीसदी वार्षिक दर से ब्याज चुकाना होगा।

ड्राइवर को खरोंच तक नहीं आई

बीमा कंपनी ने अपने इन्वेस्टिगेटर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बचाव में तर्क दिया कि गाड़ी आगे से काफी क्षतिग्रस्त हुई थी, ऐसी स्थिति में चालक को गंभीर चोटें आना स्वाभाविक था। चूंकि कथित चालक मनोज सिंह को कोई चोट नहीं आई थी, इसलिए माना कि वह गाड़ी नहीं चला रहा था। कंपनी ने आरोप लगाया कि वास्तविक चालक के पासलाइसेंस नहीं होने के कारण फर्जी चालक खड़ा किया।

क्या था पूरा मामला?

का ग्वालियर के गोल पहाड़िया निवासी अमर सिंह धाकड़ ने अपनी चार पहिया गाडी (एमपी-07-सीडी-7284) -7284) एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस से 4.94 लाख रुपए का बीमा कराया था। 16 मार्च 2020 को उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन मालिक ने बीमा क्लेम पेश किया, तो बीमा कंपनी ने 17 अगस्त 2020 को क्लेम खारिज कर दिया। इसके बाद उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया।

क्लेम खारिज करने के देने होंगे ठोस आधार

ग्वालियर उपभोक्ता फोरम के इस फैसले से वाहन बीमा क्लेम को लेकर उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश सामने आया है। बीमा कंपनी को क्लेम खारिज करने के लिए ठोस आधार और सबूत देने होंगे। कोर्ट ने कहा कि केवल इस आशंका पर कि हादसे में चालक को चोट लगनी चाहिए थी, इससे क्लेम निरस्त करना उचित नहीं है। हालांकि कोर्ट ने यह बह स्पष्ट किया कि हर मामले में फैसला उपलब्ध साक्ष्यों, बीमा पॉलिसी की शर्तों और संबंधित तथ्यों के आधार पर ही होगा।