सात समंदर पार छिड़ी जंग का धुआं अब ग्वालियर के हलवाइयों और होटल संचालकों की आंखों में आंसू ला रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर शहर की गैस सप्लाई पर पड़ा है। सोमवार से 19 किलो वाले कमर्शियल (नीले) सिलेंडर की बिक्री पर ब्रेक लग गया है। इंडियन ऑयल […]
सात समंदर पार छिड़ी जंग का धुआं अब ग्वालियर के हलवाइयों और होटल संचालकों की आंखों में आंसू ला रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर शहर की गैस सप्लाई पर पड़ा है। सोमवार से 19 किलो वाले कमर्शियल (नीले) सिलेंडर की बिक्री पर ब्रेक लग गया है। इंडियन ऑयल के नीले सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी। इससे शहर के खान-पान के बाजार में हडक़ंप मच गया है। 2110.50 रुपए का कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से रेस्टॉरेंट संचालक, फैक्ट्री, शादी-ब्याह में परेशानी का आलम बन गया है। ऐसे में 2110.50 रुपए का कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक मेे 2500 रुपए तक बिक गया। वहीं घरेलू गैस सप्लाई पर भी अनौपचारिक नियंत्रण जारी है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी एलपीजी उपभोक्ता को महीने में दो सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे। जिन ग्राहकों के पास डबल सिलेंडर कनेक्शन (डीवीसी) है उन्हें दूसरा सिलेंडर लेने के लिए 25 दिन इंतजार करना पड़ रहा है।
ग्वालियर में रोजाना करीब 700 कमर्शियल सिलेंडरों की खपत होती है, लेकिन अब गैस प्लांट से ही इनकी सप्लाई रोक दी गई है। एजेंसियों का कहना है कि ऊपर से आदेश है फिलहाल नीला सिलेंडर सिर्फ अस्पताल जैसी इमरजेंसी जगहों के लिए रिजर्व है। जिन लोगों ने गैस एजेंसियों पर कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग की उन्हें बताया गया कि प्लांट से इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
मार्च में सहालग, खाना बनाना होगा मुश्किल
-मार्च में सहालग है। सहालग में लोगों को बड़ी संख्या में सिलेंडर की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में लोगों के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। घरेलू गैस का उपयोग बढ़ सकता है।
- रेस्टोरेंट, दूध डेयरी सहित अन्य संस्थानों में नीले सिलेंडर की जरूरत होती है। इनका भी काम ठप हो सकता है।
- सबसे ज्यादा इंडियन ऑयल के सिलेंडरों की आपूर्ति है। इस कंपनी ने आपूर्ति रोक दी है। सिलेंडर के लिए लोग भटकने लगे हैं। जिनकी बुकिंग है, उनको भी संकट हो सकता है।
इंडियन ऑयल के सेल्स मेनेजर ने पत्र भेजा है। उन्होंने नीले सिलेंडर की आपर्ति बंद कर दी है। इस कारण सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक