जन्म के तुरंत बाद बच्चे को कराएं स्तनपान : श्रद्धा
ग्वालियर। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत कोर्ट रोड स्थित शासकीय कन्या उमा विद्यालय में सोमवार को शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी और महिला बाल विकास विभाग ने संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें छात्राओं को समझाइश दी गई कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसे हर हालत में स्तनपान कराएं। कार्यक्रम में छात्राओं से अपील की गई कि वह अधिक से अधिक महिलाओं को स्तनपान जीवन का आधार विषय पर जागरूक करें।
कार्यक्रम में कक्षा 11 व 12 वीं की छात्राएं मौजूद थीं। संस्था की काउन्सलर श्रद्धा जादौन ने बताया कि मां का पहला गाढ़ा दूध जिसे खीस या कोलोस्ट्रम कहते हैं, यह शिशु को पोषण प्रदान करता हैं। यह दूध अमृत के समान हैं व 6 माह तक केवल स्तनपान ही कराएं।
कार्यक्रम में वालेण्टियर समीक्षा भार्गव ने बताया कि सभी छात्राए स्तनपान के बारे में जागरुक करने के साथ-साथ पौधारोपण भी करें व लोगों को इसके बारे में भी बताएं।
कार्यकम में छात्राओं से सवाल-जवाब किए, जिसमें सही जवाब देने वाली छात्राओं को उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में 200 से अधिक छात्राए व संस्था के सदस्य सहित स्कूल स्टाफ मौजूद था।
मां का दूध शिशु के लिए लाभकारी
कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. अभिचंद्र गुप्ता ने बताा कि मां का दूध शिशु के लिए सुपाच्य होता है। इसके अलावा मां का दूध पीने वाले बच्चे मोटापे का शिकार नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु को उसी तापमान में मिलता है जितना तापमान खुद उसके शरीर का होता है। जिसकी वजह से शिशु को सर्दी लगने का खतरा कम रहता है। साथ ही मां के दूध से शिशु को कई सारी बीमारियां लगने का भी डर नहीं रहता है। मां का दूध शिशु के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।