11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्वस्थ समाज से ही मिलेगा न्याय का बल: जस्टिस आनंद पाठक

जीवन का प्रमुख उद्देश्य कल्याण की भावना होना चाहिए। जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे, तभी न्याय की अपेक्षा रखने वाले व्यक्ति की बेहतर मदद कर सकेंगे। यह विचार जस्टिस आनंद पाठक ने शनिवार को हाईकोर्ट में आयोजित वृहद नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए। इस स्वास्थ्य शिविर […]

less than 1 minute read
Google source verification
हाईकोर्ट में वृहद नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सहित जांचें हुईं

हाईकोर्ट में वृहद नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सहित जांचें हुईं

जीवन का प्रमुख उद्देश्य कल्याण की भावना होना चाहिए। जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे, तभी न्याय की अपेक्षा रखने वाले व्यक्ति की बेहतर मदद कर सकेंगे। यह विचार जस्टिस आनंद पाठक ने शनिवार को हाईकोर्ट में आयोजित वृहद नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।

इस स्वास्थ्य शिविर में अधिवक्ताओं, न्यायालयीन स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में नि:शुल्क चिकित्सकीय परामर्श के साथ एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, रक्त जांच और अन्य आवश्यक जांचों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जस्टिस आनंद पाठक ने कहा कि किसी भी पहल की शुरुआत क्यों से करनी चाहिए। जब हम इस शिविर के उद्देश्य को समझते हैं, तो स्पष्ट होता है कि अधिवक्ता, कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी यदि शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत होंगे, तो उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। इससे वे अपने कर्तव्यों का बेहतर निर्वहन कर सकेंगे और विवाद रहित समाज की कल्पना को साकार किया जा सकेगा। कोर्ट का परिसर एक विश्वविद्यालय की तरह होना चाहिए, जहां रचनात्मकता और समग्र विकास का वातावरण हो। वर्ष 2047 तक विवाद विहीन समाज का लक्ष्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

न्याय प्रक्रिया में सभी की भूमिका अहम

जस्टिस पाठक ने कहा कि एक निर्णय के पीछे केवल न्यायाधीश ही नहीं, बल्कि अधिवक्ता और न्यायालयीन स्टाफ की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में इन सभी का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। “पहला सुख निरोगी काया” के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन किया गया।

-शिविर में प्रारंभिक स्तर पर प्रतिभागियों के स्वास्थ्य संबंधी विवरण एकत्र किए गए, इसके बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रक्त नमूनों की जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया।