महिला सहित दो गिरफ्तार, सेंटर पर मिले बदनापुरा के कई प्रमाण पत्र
ग्वालियर। बदनाम बस्ती बदनापुरा से छुडाई तीन लड़कियों के माता पिता का पता नहीं चला है। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड के जरिए इन्हें कब्जे में रखने भी बच्चियों के असली माता, पिता और घर के बारे में नहीं बता रहे हैं।
लेकिन फर्जी जन्मप्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने वाले जरूर हाथ में आ गए हैं। धंधा धंधा आनंद नगर में चल रहा था। जालसाज 500 रू में जाली दस्तावेज बनाकर थमाते थे और ठोककर दावा करते थे उनके ठिकाने पर बने सार्टिफिकेट कोई गलत साबित नहीं कर सकता। जालसाजों के ठिकाने पर बदनापुरा के कई बच्चों के जाली बर्थ सार्टिफिकेट और आधार कार्ड मिले हैं।
फर्जी जन्म प्रमाण, आधार कार्ड और सरकारी दस्तावेज बनाने का धंधा आनंद नगर में सोनू खां और प्रेरणा मिश्रा चला रहे थे। दोनों कियोस्क सेंटर पर ठोककर फर्जी दस्तावेज बना रहे हैं उटीला में रहने वाले सुंमत चौहान ने शिकायत की थी।
रविवार को बदनापुरा में दबिश के दौरान 3 नाबालिग बच्चियो को फर्जी जन्मप्रमाण पत्र और आधार कार्ड की आड़ में कब्जे में रखने का धंधा सामने आया तो पुलिस ने आनंद नगर में सोनू खां का ठिकाना खंगाला। यहां तलाशी में फर्जी दस्तावेजों की खेप मिली।
इनमें बदनापुरा बस्ती के पता लिखे कई जन्मप्रमाण और आधार कार्ड भी थे। पुलिस ने बताया सोनू खां के अलावा फर्जीवाडे के धंधे में प्रेरणा मिश्रा भी शामिल है। दोनों को अरेस्ट किया है। पूछताछ में सोनू ने खुलासा किया 500 रू फर्जी बर्थ सार्टिफिकेट बनाने का खुला रेट था।
तमाम लोग उसके यहां से जाली दस्तावेज बनवाते रहे हैं। इनमें बदनापुरा वाले भी शामिल हैं। लेकिन उसे यह नहीं पता कि यह लोग प्रमाण पत्र का कहां और क्या इस्तेमाल करते हैं। उसका काम तो सिर्फ पैसा लेकर जाली प्रमाण पत्र थमाना था।
दो लैपटॉप बरामद, दस्तावेज बरामद
पुलिस ने बताया सोनू और प्रेरणा के ठिकाने से दो लैपटॉप मिले हैं। इनमें एक लैपटॉप पर कियोस्क का काम होता था। उस पर सरकारी बेवसाइट भी दर्ज मिली है।
बस्ती में सन्नाटा
रविवार की दबिश के बाद बदनापुरा सन्नाटा था, रोज की तरह बस्ती की गलियों में नादान बच्चों की दौड़ भाग भी थमी थी। दरअसल लोगों को खुटका था पुलिस दोबारा जांच पड़ताल के लिए आ सकती है।
यहां रहने वाले कुछ लोगो के आनंदनगर पॉश कॉलोनी में भी मकान है। रविवार को पुलिस की रेड के बाद कई लोग बच्चों को समेट कर पॉश कॉलोनी के ठिकाने पर पहुंच गए हैं। उधर दबिश में बच्चियों को ढूंढतें वक्त पुलिस को कई घरों से बच्चों के जन्मप्रमाण पत्र, आधार कार्ड के अलावा राशन कार्ड समेट लाई थी।
नादान सहमी, तीन टीम करेंगी जांच
युवराज उचिया और सोम धनावत के घर से बरामद तीनों लड़कियां अपने माता पिता के बारे में कुछ नहीं बता पा रही हैं। इनमें 12 साल की लड?ी यह बता रही है सोम और उसका परिवार कहता है उसके माता पिता नागपुर में मर चुके हैं। वह अनाथ थी इसलिए वह उसे पाल रहे हैं।
इससे ज्यादा उसे कुछ नहीं पता। तीनों लड़कियां कहां से आई हैं उनके सही पते ठिकाने उगलवाने के लिए सोम और युवराज को रिमांड पर लिया जाएगा। बस्ती में और कितनी लड़कियां इसी तरह फंसी है पता लगाने के लिए तीन टीम बनाई गई हैं।
बरामद दस्तावेजों का मिलान
बदनापुरा में दबिश के दौरान कई घरों से नादान बच्चों के जन्म प्रमाण, आधार कार्ड सहित दूसरे दस्तावेज मिले हैं। उनकी जांच की जा रही है। बस्ती से निकाली गई तीनों बच्चियां का मेडिकल चेकअप कराया जाएगा।
मृगाखी डेका एएसपी सेंट्रल जोन