कॉलेज का नाम बदला तो एनओसी खत्म

 उच्चशिक्षा विभाग ने उन कॉलेज संचालकों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है, जो गंभीर केसों में कॉलेजों के विवाद में आने के कारण उसका नाम परिवर्तन कराने की फिराक में थे। आयुक्त को जैसी ही मामले की भनक लगी, उन्होंने तुरंत लिस्ट को खारिज कर नए निर्देश जारी कर दिए।

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Jul 29, 2017
Jiwaji university
ग्वालियर. उच्चशिक्षा विभाग ने उन कॉलेज संचालकों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है, जो गंभीर केसों में कॉलेजों के विवाद में आने के कारण उसका नाम परिवर्तन कराने की फिराक में थे। आयुक्त को जैसी ही मामले की भनक लगी, उन्होंने तुरंत लिस्ट को खारिज कर नए निर्देश जारी कर दिए। जिनके अनुसार विभाग से कोई भी पत्र व्यवहार कॉलेज संचालक असली नाम से करें। अगर कोई निजी कॉलेज संचालक पुलिस और न्यायालय के प्रकरणों से बचने के लिए कॉलेज का नाम बदलवाते दोषी पाया गया तो उसकी एनओसी खत्म कर दी जाएगी। आयुक्त के इस निर्णय से वे कॉलेज संचालक परेशान हैं, जिन्होंने विवाद से बचने कॉलेज का नाम परिवर्तन कराने के लिए आवेदन कर रखा है।

188 में से 12 अंचल के हैं कॉलेज
सूत्रों के अनुसार बीते पांच सालों में प्रदेश के 188 कॉलेजों ने अपना नाम परिवर्तन के लिए आवेदन दिया है। करीब 42 लेजों के नाम बदल भी चुके हैं लेकिन अब बाकी बचे कॉलेज संकट में आ गए हैं। इन कॉलेजों सरकारी भूमि हड़पने, मारपीट करने, धमकाने, छात्रों से अवैध फीस वसूलने के मामले थाने में दर्ज हैं। कई मामले कोर्ट में चल रहे हैं।

इसलिए बदलवाना चाहते हैं नाम
थाने में केस दर्ज होने के कारण इस सत्र कई कॉलेजों में छात्रों के एडमिशन लेने की संख्या में गिरावट आई है। इस सत्र में छात्र केवल उन्हीं कॉलेजों में एडमिशन ले रहे हैं, जिनका पिछला रिकॉर्ड साफ सुथरा है। फिलहाल विभाग भी नहीं चाहता कि दागी कॉलेज सिस्टम में रहें, क्यों कि इन कॉलेजों की शिकायतों के कारण उसे भी शर्मिंदगी महसूस होने लगती है।

देखने में आ रहा है कि कई कॉलेज संचालकों पर थानों में गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, वे अपने मूल तथ्यों को छिपाकर कॉलेज का नाम परिवर्तन कराना चाहते हैं, जो कि गलत है। दोषी पाए जाने पर ऐसे कॉलेजों की एनओसी रद्द की जाएगी।
नीरज मंडलोई,आयुक्त, उच्चशिक्षा

Published on:
29 Jul 2017 07:36 pm
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