ग्वालियर

आधार में नाम-सरनेम बदलना पड़ा तो जेब पर भारी बोझ, महीनों की भागदौड़

आधार कार्ड में नाम, सरनेम या जन्मतिथि में गड़बड़ी हो जाए तो उसे ठीक कराने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर नाम में बड़ा बदलाव, सरनेम बदलने, शादी के बाद पूरा नाम बदलने या अन्य विशेष ...
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Oct 04, 2026
aadhar online correction

गजट के लिए हजारों रुपए खर्च और लंबा इंतजार, छत्तीसगढ़ के 430 रुपए वाले ऑनलाइन मॉडल से मप्र में भी निकल सकता है हल

ग्वालियर। आधार कार्ड में नाम, सरनेम या जन्मतिथि में गड़बड़ी हो जाए तो उसे ठीक कराने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर नाम में बड़ा बदलाव, सरनेम बदलने, शादी के बाद पूरा नाम बदलने या अन्य विशेष मामलों में राजपत्र यानी गजट में नाम प्रकाशित कराने की प्रक्रिया से लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। गजट, शपथ पत्र, नोटरी, अखबार में सूचना और दस्तावेज तैयार कराने सहित पूरी प्रक्रिया में 5 से 10 हजार रुपए तक खर्च होने का दावा किया जा रहा है। कई मामलों में प्रक्रिया पूरी होने में 3 से 6 महीने तक लग रहे हैं।

गजट के फेर में महीनों का इंतजार, बढ़ता खर्च

यूआइडीएआइ की गाइडलाइन के मुताबिक, कुछ मामलों में आधार में नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र में नाम प्रकाशित कराना जरूरी है। आधार सेवा केंद्र संचालकों के अनुसार गजट प्रकाशन की सरकारी फीस 700 से 2500 रुपए तक है। इसके अलावा 50 रुपए के स्टांप पर शपथ पत्र, नोटरी, दो अखबारों में नाम परिवर्तन की सूचना, वकील की फीस और दस्तावेज तैयार कराने का खर्च जुड़ जाता है। इस तरह कुल खर्च 5 से 10 हजार रुपए तक पहुंचने की बात कही जा रही है। कुछ जगहों पर 15 हजार रुपए तक वसूले जाने की शिकायतें भी हैं।

प्रक्रिया में लोगों को आधार केंद्र के अलावा कोर्ट-कचहरी और अखबार कार्यालय के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं। दस्तावेजों में कमी या गलती होने पर आवेदन निरस्त होने की स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है। जन्मतिथि में सुधार को लेकर भी आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

किन मामलों में गजट की जरूरत

हर छोटे सुधार के लिए गजट की जरूरत नहीं होती। हालांकि, नाम में बड़ा बदलाव या विशेष परिस्थितियों में राजपत्र में प्रकाशन आवश्यक हो सकता है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • दस्तावेजों के आधार पर पूरा नाम बदलना।
  • सरनेम में बड़ा बदलाव करना।
  • विवाह के बाद पूरा नाम बदलना।
  • निर्धारित सीमा से अधिक बार नाम में बदलाव करना।
  • धर्म परिवर्तन या कोर्ट के आदेश के आधार पर नाम बदलना।

छत्तीसगढ़ का ऑनलाइन मॉडल बना विकल्प

मध्यप्रदेश में जहां नाम परिवर्तन की प्रक्रिया में लोगों को कई स्तर पर दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में राजपत्र में नाम प्रकाशन की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए आवेदक घर बैठे आवेदन कर सकता है। इसके लिए 430 रुपए का एसबीआइ चालान, स्थानीय अखबार में प्रकाशित नाम परिवर्तन की सूचना, दो गवाहों के हस्ताक्षर वाला फॉर्म और 50 रुपए के स्टांप पर नोटरीकृत शपथ पत्र अपलोड करना होता है। शपथ पत्र में उल्लेखित दस्तावेजों की प्रतियां भी लगानी होती हैं।

इस प्रक्रिया के लिए 29 कार्य दिवस की समय सीमा निर्धारित होने की बात कही गई है। इसी तरह की ऑनलाइन व्यवस्था मध्यप्रदेश में भी शुरू होने से लोगों को राहत मिल सकती है।

‘नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र में प्रकाशन जरूरी’

यूआइडीएआइ की गाइडलाइन के अनुसार, जिन मामलों में राजपत्र में नाम प्रकाशन आवश्यक है, उनमें गजट के बिना आधार में नाम परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ऐसे आवेदन निरस्त हो सकते हैं। जन्मतिथि में सुधार के मामलों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

— आशीष जैन, जिला प्रबंधक, ई-गवर्नेंस

Updated on:
04 Oct 2026 05:31 pm
Published on:
04 Oct 2026 05:30 pm