ग्वालियर

ग्वालियर… कागजी कलर कोडिंग और रोड पर मनमाने डिवाइडर… ट्रैफिक सेल फेल, जाम से बेहाल शहर

शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नगर निगम की ट्रैफिक सेल कभी ई-रिक्शा की कलर कोडिंग तो...
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Jun 29, 2026
gwalior traffic
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ग्वालियर. शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नगर निगम की ट्रैफिक सेल कभी ई-रिक्शा की कलर कोडिंग तो कभी डेलीनेटर, कैमरे और प्लास्टिक डिवाइडर लगाकर व्यवस्था सुधारने का दावा करती है, लेकिन शहर की प्रमुख सडक़ों पर जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि लोग मुख्य मार्गों पर फंसने से बचने के लिए अब वैकल्पिक और लंबे रास्तों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

दो इंजीनियरों के भरोसे ट्रैफिक सेल

नगर निगम की ट्रैफिक सेल में संसाधनों और स्टाफ की कमी साफ नजर आती है। पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी महज दो इंजीनियरों के कंधों पर है।
जानकारों के अनुसार, कई स्थानों पर जहां सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग और नियंत्रित यातायात की आवश्यकता है, वहां रास्ते खुले छोड़ दिए गए हैं। वहीं जिन स्थानों पर आमजन की सुविधा के लिए कट की जरूरत है, वहां व्यवस्था नहीं की गई है। इससे यातायात संचालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इन इलाकों में रोज लग रहा जाम

शहर के प्रमुख मार्गों पर सुबह और शाम के समय यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पड़ाव, फूलबाग चौराहा, नदी गेट, शिंदे की छावनी, रामदास घाटी, महाराज बाड़ा और रेलवे स्टेशन रोड सहित कई क्षेत्रों में रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। इससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
जाम से बचने के लिए कई वाहन चालक अब वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इससे अंदरूनी सडक़ों और कॉलोनियों में भी यातायात का दबाव बढ़ गया है।

शिंदे की छावनी में लोगों ने खुद बना लिया रास्ता

शिंदे की छावनी स्थित शान-शौकत के सामने ट्रैफिक प्रबंधन की खामियां साफ दिखाई देती हैं। यहां लोगों ने अपनी सुविधा के लिए डिवाइडर के कट को खोलकर आवाजाही शुरू कर दी है। इससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और यातायात नियमों की अनदेखी भी हो रही है।

हादसों के ब्लैक स्पॉट बने प्रमुख चौराहे

शहर के कई व्यस्त चौराहे अब दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील बन गए हैं। शिंदे की छावनी, पड़ाव और फूलबाग क्षेत्र में अव्यवस्थित यातायात और खराब ट्रैफिक इंजीनियरिंग के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे सामने आ रहे हैं। वाहन चालकों और राहगीरों को लगातार जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में निर्देश दिए हैं

"ट्रैफिक सेल को लेकर हाल ही में बैठक में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की भी मदद ली जा रही है और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है।"
संघप्रिय, नगर निगम आयुक्त

Published on:
29 Jun 2026 05:44 pm